Amaravati: किस नदी के किनारे स्थित है अमरावती, जो आधिकारिक तौर पर घोषित हुई आंध्र प्रदेश की राजधानी

Last Updated: Apr 7, 2026, 15:59 IST

ऐतिहासिक फैसले के तहत, अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे कानूनी मान्यता मिल गयी है, जिससे राज्य के प्रशासनिक और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

Capital of Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक फैसले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती को आधिकारिक तौर पर राज्य की राजधानी का दर्जा मिल गया है। इस फैसले को राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस पर खुशी जताते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और इसे जनता के लंबे समय से संजोए सपने का साकार होना बताया। 

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा इस अधिनियम को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है, जो 6 अप्रैल को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा।

प्राचीन राजधानी और बौद्ध केंद्र का संगम

अमरावती का इतिहास करीब 2000 साल पुराना है। यह कभी सातवाहन वंश की राजधानी रहा और यहां स्थित महाचैत्य (ग्रेट स्तूप) बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

आधुनिक अमरावती के रूप में कायाकल्प

आधुनिक अमरावती को एक विश्वस्तरीय, पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें सोलर एनर्जी, साइकिल ट्रैक और हरित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे यह एक सस्टेनेबल मेट्रोपॉलिटन सिटी बन सके।

किस नदी के किनारे स्थित है राजधानी

कृष्णा नदी के तट पर बसा यह शहर विकास ने नए केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है. कृष्णा नदी के किनारे लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित हो रही अमरावती, परिवहन और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है।

अमरावती से जुड़े 5 रोचक तथ्य

प्राचीन बौद्ध केंद्र: अमरावती कभी सातवाहन वंश की राजधानी रहा और यहां का महाचैत्य बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है।

सस्टेनेबल ग्रीन सिटी: अमरावती को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां सोलर एनर्जी और साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाएं होंगी।

कृष्णा नदी के किनारे: कृष्णा नदी के तट पर बसा यह शहर रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम है।

धार्मिक महत्व: यहां स्थित अमरेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पंचाराम क्षेत्रों में शामिल है।

राजनीतिक केंद्र: आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद अमरावती को नई राजधानी बनाया गया, जो अब प्रशासन और विकास का मुख्य केंद्र है।

आधुनिक राजनीतिक का केंद्र

अमरावती में स्थित अमरेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह पंचाराम क्षेत्र के पांच पवित्र मंदिरों में से एक है, जो इसे धार्मिक दृष्टि से भी खास बनाता है। आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद अमरावती को नई राजधानी के रूप में चुना गया, जिससे यह राज्य की राजनीति, प्रशासन और बुनियादी ढांचे के विकास का प्रमुख केंद्र बन गया है।

Bagesh Yadav
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First Published: Apr 7, 2026, 15:53 IST

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