भारत की इकलौती जनगणना, जब बढ़ने के बजाय घट गई थी आबादी

Last Updated: Apr 7, 2026, 12:30 IST

क्या आपने साल 1921 के बारे में पढ़ा है? दरअसल, इस वर्ष को ‘Year of Great Divide’ के नाम से जाना जाता है। क्या है इसके पीछे कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

भारत की जनगणना
भारत की जनगणना

इतिहास उठाकर देखें, तो हमें ऐसे कई वर्ष देखने को मिलेंगे, जब कई बड़ी घटनाएं हुई हुई हैं। इन घटनाओं की वजह से उन वर्षों को हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में जोड़ दिया गया है। इस कड़ी में 1921 को महान विभाजक वर्ष (Year of Great Divide) के नाम से भी जाना जाता है।

इसे भारत के जनसांख्यिकीय इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। क्योंकि, उस समय भारत की जनसंख्या बढ़ने के बजाय घट गई थी। क्या थी यह घटना और क्या थे घटना के कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

जनसंख्या में हुई थी नेगेटिव ग्रोथ

भारत की जनगणना लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में 1872 मे शुरू हुई, लेकिन यह पूरी तरह ठीक नहीं थी। इसके बाद 1881 में लॉर्ड रिप्पन के कार्यकाल में नियमित जनगणना हुई थी। हालांकि, 1911-1921 के बीच यह 10 साल ऐसे रहे, जब भारत की जनसंख्या बढ़ने के बजाय कम हो गई थी। अब इसे हम आंकड़ों के साथ समझ लेते हैंः

-1911 में भारत की जनसंख्या 25.21 करोड़ दर्ज हुई थी।

-1921 में जनसंख्या बढ़ने के बजाय कम हो गई और यह घटकर 25.13 करोड़ रह गई। ऐसे में जनसंख्या में 0.31 फीसदी की गिरावट देखी गई।

क्या थे जनसंख्या घटने के मुख्य कारण

साल 1911-1921 के बीच भारत में कई बड़ी आपदाएं आई थीं, जिसकी वजह से भारत में मृत्यु दर बढ़ गई थी और इसका सीधा असर भारत की जनसंख्या पर पड़ा था, ये आपदाएं इस प्रकार थींः

इंफ्लुएंजा महामारीः यह महामारी 1918-19 में फैली थी, जिसमें करीब 1.5 करोड़ लोगों की जान गई थी। यह एक वैश्विक महामारी थी।

अकाल से मरे लोगः इस दौरान भारत में अलग-अलग जगहों पर अकाल भी पड़ा था, जिससे भुखमरी बढ़ी और लोग मारे गए।

प्लेग, हैजा और मलेरिया फैलाः इस दशक में भारत में प्लेग, मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियां फैली थीं, जिससे कई लोग मारे गए थे।

प्रथम विश्व युद्ध में गई जानेंः उस समय 1914 में प्रथम विश्व युद्ध हुआ था, जो कि 1918 तक चला था। इसमें कई भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गवाई थी।

क्यों कहा जाता है महान विभाजक

अब हम यह समझ लेते हैं कि आखिर 1911-21 को महान विभाजक क्यों कहा जाता है। दरअसल, 1921 से पहले जनसंख्या अस्थिर हुआ करती थी। यह कभी बढ़ती थी, तो कभी घट जाती थी। वहीं, 1921 के बाद जनसंख्या में इस तरह के बदलाव नहीं देखे गए। विभिन्न प्रकार की महामारी आई, लेकिन चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध होने की वजह से जनसंख्या में कमी नहीं हुई।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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First Published: Apr 7, 2026, 12:30 IST

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