भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की अपनी विशेषता है। यदि भारत के सबसे बड़े नाम वाले राज्य की बात करें, तो यह पूर्वोत्तर भारत का अरूणाचल प्रदेश है। इसके बाद आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्यों के नाम आते हैं। यहां इसे हम हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला के हिसाब से समझ लेते हैं।
अंग्रेजी वर्णमाला में सबसे बड़ा नाम
यदि अरूणाचल प्रदेश को अंग्रेजी में लिखें, तो Arunachal Pradesh कुल 16 अक्षरों से मिलकर बना है। भारत में इससे बड़ा नाम किसी राज्य का नहीं है। हालांकि, दूसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश है, जिसके अंग्रेजी वर्णमाला में 13 अक्षर होते हैं।
हिंदी वर्णमाला में भी सबसे बड़ा नाम
अरूणाचल प्रदेश का नाम न सिर्फ अंग्रेजी में बड़ा है, बल्कि हिंदी वर्णमाला में भी इसका नाम सबसे बड़ा है। इसके बाद उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के नाम आते हैं।
क्या है अरूणाचल प्रदेश का इतिहास
अरूणचाल प्रदेश के इतिहास की बात करें, तो इसे ‘उगते सूरज की भूमि’ कहा जाता है। प्रदेश पर मध्यकाल में अहोम साम्राज्य के राजाओं का शासन हुआ करता था। देश आजाद होने के बाद 1954 में इसे NEFA(North East Frontier Tracts) नाम दिया गया। हालांकि, 1972 में यह एक केंद्र शासित प्रदेश बना और इसे अरूणाचल प्रदेश नाम मिला। साल 1987 में अरूणाचल प्रदेश भारत का पूर्ण राज्य बना।
80 फीसदी वनों से घिरा है प्रदेश
अरूणाचल प्रदेश का करीब 80 फीसदी हिस्सा वनों से घिरा हुआ है। यहां 26 मुख्य जनजातियां और 100 से अधिक उप-जनजातियां रहती हैं।
राज्य में है भारत का सबसे बड़ा बौद्ध मठ
अरूणाचल प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ यानि कि तवांग मठ है। यह मठ समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे में यहां कई वर्षों से बौद्ध धर्म का केंद्र रहा है और यहां बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म के अनुयायी पहुंचते हैं।
दुर्लभ वन्यजीवों का घर
आपको बता दें कि अरूणाचल प्रदेश पूरी दुनिया में इकलौता ऐसा स्थान है, जहां तेंदुआ, क्लाउडेड तेंदुआ, हिम तेंदुआ और बाघ यानि कि बड़ी बिल्लियों की चार प्रजातियां पाई जाती हैं।
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