CBSE R3 Language Rule 2026: CBSE का R3 लैंग्वेज फॉर्मूला हुआ जारी, 7 दिनों की दी गई डेडलाइन

Last Updated: Apr 10, 2026, 17:16 IST

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी स्कूलों के लिए एक अहम निर्देश जारी किए गए है।  नए सेशन 2026–27 से क्लास 6 में तीसरी भाषा यानी 3-लैंग्वेज फॉर्मूला R3 पढ़ाना अनिवार्य किया गया है। बोर्ड ने सर्कुलर जारी होने के 7 दिनों के अंदर इसे लागू करने का भी आदेश दिया गया है।

CBSE R3 Language Rule 2026
CBSE R3 Language Rule 2026

CBSE Language Rule 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देशभर के अपने संबद्ध स्कूलों के लिए एक बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया है। CBSE ने नई शिक्षा नीति (NEP) -2020 के तहत शैक्षणिक साल 2026-27 से सभी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक ‘3-लैंग्वेज फॉर्मूला’ को पढ़ाना और पढ़ना जरूरी कर दिया है।

CBSE द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब सभी स्कूलों को सात दिनों के भीतर ‘3-लैंग्वेज फॉर्मूला’ को स्कूल में लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, CBSE बोर्ड ने CBSE के अंदर आने वाले सभी स्कूलों के लिए इसे अनिवार्य किया गया है। आइए जानते हैं क्या है यह 3-लैंग्वेज फॉर्मूला और इसका छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

सीबीएसई का नया निर्देश क्या है?

CBSE ने हालिया सर्कुलर में कई स्कूलों के लिए 3-लैंग्वेज फॉर्मूला की गंभीरता को समझाते हुए निर्देश जारी किए है। बोर्ड ने सख्त लहजे में कहा है कि कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए 3-लैंग्वेज फॉर्मूला का अध्ययन अनिवार्य है। यदि कोई स्कूल इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

3-Language Formula: '3-लैंग्वेज फॉर्मूला' क्या है?

यह फॉर्मूला भारत सरकार द्वारा भाषाई विविधता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत छात्रों को स्कूल में तीन अलग-अलग भाषाएं सीखनी होती हैं।

  1. पहली भाषा: मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा।
  2. दूसरी भाषा: हिंदी भाषी राज्यों में यह अंग्रेजी या कोई अन्य आधुनिक भारतीय भाषा होगी। गैर-हिंदी भाषी राज्यों में यह हिंदी या अंग्रेजी होगी।
  3. तीसरी भाषा: यह भाषा पहली और दूसरी भाषा से अलग होनी चाहिए। आमतौर पर छात्र संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, या किसी विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन) का चुनाव करते हैं।

Language Structure: भाषा चयन का ढांचा

कैटेगरी 

भाषा ऑप्शन (एक्सपेक्टेड)

उद्देश्य

पहली भाषा (R1)

हिंदी / अंग्रेजी / क्षेत्रीय भाषा

बुनियादी समझ और अभिव्यक्ति

दूसरी भाषा (R2)

अंग्रेजी (यदि L1 हिंदी है)

वैश्विक संचार

तीसरी भाषा (R3)

संस्कृत / विदेशी भाषा / अन्य क्षेत्रीय भाषा

सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास

CBSE की नया सर्कुलर क्या है? 

CBSE द्वारा जारी नए सर्कुलर के मुताबिक सभी सीबीएसई संबद्ध स्कूलों को OASIS पोर्टल पर जाकर भाषा का चयन करके उसे अपडेट करना होगा। इसके साथ ही CBSE ने सभी स्कूलों को 7 दिनों के भीतर स्कूलों में (R3) भाषा को पढ़ाए जाने के कड़े निर्देश दिए हैं। CBSE ने कहा है कि स्कूलों के पास (R3) भाषा के लिए किताबें उपलब्ध हो या नहीं। लेकिन इसकी पढ़ाई अभी से शुरू करना जरूरी है।

स्कूलों के लिए प्रमुख दिशा-निर्देश

  • 7 दिन की डेडलाइन: स्कूलों को एक हफ्ते के भीतर तीसरी भाषा की कक्षाओं का टाइम-टेबल और टीचर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
  • संस्कृत पर जोर: नई शिक्षा नीति के तहत संस्कृत को एक प्रमुख विकल्प के रूप में रखने को कहा गया है।
  • दक्षता आधारित मूल्यांकन: तीसरी भाषा में छात्रों की रुचि जगाने के लिए 'प्रोजेक्ट वर्क' और 'एक्टिविटी' पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

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Akshara Verma
Akshara Verma

Content Writer

Akshara Verma is an Executive Content Writer at Jagran Josh, specializing in authoritative content focused on Education, Current Affairs, and General Knowledge. A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara leverages her 1.5 years of experience to create impactful pieces, building on her previous roles in content writing and Public Relations at both Genesis BCW and Dainik Bhaskar. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

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First Published: Apr 10, 2026, 17:16 IST

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