मध्य-पूर्व के प्रमुख देशों की बात करें, तो इसमें ईरान का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। दुनिया का यह देश कुल 7 अन्य देशों से अपनी सीमा साझा करता है। इसके सबसे छोटे पड़ोसी देश की बात करें, तो यह आर्मेनिया है। यह क्षेत्रफल के साथ-साथ सीमा में भी सबसे छोटा देश है। इस लेख में हम आर्मेनिया और इससे जुड़े तथ्यों पर गौर करेंगे।
किन 7 देशों से ईरान की लगती है सीमा
ईरान की भौगोलिक स्थिति बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। इसकी सीमा कुल 7 देशों से लगती है, जिसमें अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान, आर्मेनिया, पाकिस्तान, इराक, तुर्किये और अफगानिस्तान शामिल है।
कितना है सबसे छोटे पड़ोसी देश का एरिया
आर्मेनिया, ईरान का सबसे छोटा पड़ोसी देश है। इसका कुल एरिया 29,743 वर्ग किलोमीटर है। वहीं, ईरान की बात करें, तो ईरान का कुल एरिया 16.48 लाख वर्ग किलोमीटर है। ऐसे में कह सकते हैं कि आर्मेनिया, ईरान से करीब 55 गुना छोटा देश है।
सबसे छोटी सीमा वाला देश
आपको यह भी बता दें कि ईरान-आर्मेनिया की सबसे छोटी सीमा भी है। यह सीमा सिर्फ 35 से 44 किलोमीटर लंबी है, जो कि अरास नदी के साथ चलती है।
ईरान के लिए महत्त्वपूर्ण आर्मेनिया
आर्मेनिया का एरिया बेशक बहुत कम है, लेकिन ईरान के लिए यह देश बहुत महत्त्वपूर्ण है। क्योंकि, यह देश यूरेशिया और काला सागर तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक रास्ते का माध्यम बनता है।
पूरी तरह से लैंडलॉक्ड है आर्मेनिया
आर्मेनिया पहले USSR का हिस्सा हुआ करता था। हालांकि, 1991 में यह पूरी तरह स्वतंत्र देश बना। इसकी भौगोलिक स्थिति की बात करें, तो यह पूरी तरह से लैंडलॉक्ड देश है। यानि, इसकी कोई समुद्री सीमा नहीं है। इसके उत्तर में जॉर्जिया है, तो दक्षिण में ईरान, पूर्व में अजरबैजान है, तो पश्चिम में तुर्किये है।
क्या है आर्मेनिया की राजधानी
आर्मेनिया की राजधानी की बात करें, तो यह येरेवन है। आपको बता दें कि आर्मेनिया दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने 301 ईस्वी में ईसाई धर्म को अपना राजकीय धर्म घोषित किया था। यहां हमें UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल कई चर्च और मठ देखने को मिलते हैं। इन मठों में 'एचमियादजिन कैथेड्रल' भी शामिल है।
क्या है आर्मेनिया की अर्थव्यवस्था
आर्मेनिया की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि,खनन, आईटी सेक्टर पर निर्भर है। वहीं, बीते कुछ वर्षों में भारत और आर्मेनिया के संबंध मजबूत हुए हैं। आर्मेनिया द्वारा भारत से पिनाका रॉकेट सिस्टम और अन्य उपकरण खरीदे गए हैं।
पढ़ेंः दोस्त से कैसे दुश्मन बन गए ईरान और इजरायल, यहां देखें पूरी टाइमलाइन
Comments
All Comments (0)
Join the conversation