Digital Janganana 2027: भारत में जनगणना 2027 की शुरुआत हो चुकी है, यह पहल कई मायनों में खास है इस बार यह पूरी तरह डिजिटल मोड में कराया जा रहा है. जनगणना 2027 में पहली बार आम नागरिकों को 'सेल्फ-एन्युमरेशन' (Self-Enumeration) यानी खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है। बता दें कि Census 2027 में सेल्फ-एन्यूमरेशन एक डिजिटल सुविधा है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। se.census.gov.in पर जाकर मोबाइल OTP से रजिस्टर करें, भाषा व लोकेशन चुनें और फॉर्म भरें। यहां हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।
जनगणना 2027 में सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) क्या है?
भारत की Census 2027 में पहली बार डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन (SE) कहा जाता है। इस सुविधा के माध्यम से परिवार का मुखिया सरकारी गणनाकर्ताओं (enumerators) पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना घर और परिवार से जुड़ी जानकारी सीधे ऑनलाइन भर सकता है। इसका उद्देश्य डेटा संग्रह को तेज, पारदर्शी और अधिक सटीक बनाना है।
डिजिटल जनगणना में क्या है खास
जनगणना 2027 भारत की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हुई है। यह दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना मानी जा रही है। इसमें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा संग्रह किया जा रहा है, जिससे प्रोसेसिंग समय कम होगा और त्रुटियों की संभावना भी घटेगी। यह पहल सरकार के डिजिटल इंडिया विजन को भी मजबूत करती है।
दो फेज में पूरी होगी प्रक्रिया
जनगणना 2027 को दो फेज में आयोजित किया जा रहा है। पहला फेज (2026) हाउस लिस्टिंग और सेल्फ-एन्यूमरेशन का है, जो अलग-अलग राज्यों में निर्धारित समय के अनुसार 30 दिनों की विंडो में पूरा होगा। दूसरा चरण (2027) फरवरी में जनसंख्या गणना का होगा, जिसमें घर-घर जाकर जानकारी की पुष्टि की जाएगी।
सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया कैसे करती है काम
सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करते हैं, मोबाइल OTP से सत्यापन करते हैं और अपनी भाषा चुनकर घर, सुविधाओं और संपत्ति से जुड़ी जानकारी भरते हैं। कुल 33 प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। फॉर्म जमा करने के बाद एक 11 अंकों का Self-Enumeration (SE) ID मिलता है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होता है।
Census 2027 में रजिस्ट्रेशन कैसे करें
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पोर्टल खोलें: se.census.gov.in पर जाएँ।
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ऑथेंटिकेशन: अपना राज्य/केंद्र शासित प्रदेश चुनें, परिवार प्रमुख की जानकारी भरें और मोबाइल नंबर पर OTP से सत्यापन करें।
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भाषा व लोकेशन: अपनी भाषा चुनें, जिला, पिनकोड और क्षेत्र दर्ज करें, मैप पर घर की लोकेशन सेट करें।
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फॉर्म भरें: घर और सुविधाओं से जुड़े 33 प्रश्नों के उत्तर दें।
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सबमिट करें: जानकारी ध्यान से जांचकर फॉर्म जमा करें (सबमिट के बाद बदलाव संभव नहीं)।
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SE ID सुरक्षित रखें: आपको 11 अंकों की SE ID मिलेगी, जिसे भविष्य के लिए सेव करके रखें।
जनगणना 2027: सेल्फ-एन्यूमरेशन का राज्यवार शेड्यूल
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश समूह | सेल्फ-एन्यूमरेशन अवधि | हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना |
| उत्तर प्रदेश | 7 मई – 21 मई | 22 मई – 20 जून |
| अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली (NDMC व कैंट), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम | 1 अप्रैल – 15 अप्रैल | 16 अप्रैल – 15 मई |
| गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव | 5 अप्रैल – 19 अप्रैल | 20 अप्रैल – 19 मई |
| आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश | 16 अप्रैल – 30 अप्रैल | 1 मई – 30 मई |
| उत्तराखंड | 10 अप्रैल – 24 अप्रैल | 25 अप्रैल – 24 मई |
| बिहार | 17 अप्रैल – 1 मई | 2 मई – 31 मई |
| तेलंगाना | 26 अप्रैल – 10 मई | 11 मई – 9 जून |
| पंजाब | 30 अप्रैल – 14 मई | 15 मई – 13 जून |
| दिल्ली (MCD), झारखंड, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान | 1 मई – 15 मई | 16 मई – 14 जून |
| जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी | 17 मई – 31 मई | 1 जून – 30 जून |
| हिमाचल प्रदेश | 1 जून – 15 जून | 16 जून – 15 जुलाई |
| केरल, नागालैंड | 16 जून – 30 जून | 1 जुलाई – 30 जुलाई |
| तमिलनाडु, त्रिपुरा | 17 जुलाई – 31 जुलाई | 1 अगस्त – 30 अगस्त |
| असम | 2 अगस्त – 16 अगस्त | 17 अगस्त – 15 सितंबर |
| मणिपुर | 17 अगस्त – 31 अगस्त | 1 सितंबर – 30 सितंबर |
| पश्चिम बंगाल | तय होना बाकी | तय होना बाकी |
जरूरी जानकारी और डेटा सुरक्षा
ऑनलाइन फॉर्म भरते समय घर की संरचना, स्वामित्व, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, ईंधन और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी देनी होती है। हालांकि कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होता। सभी जानकारी Census Act, 1948 के तहत पूरी तरह सुरक्षित रहती है और केवल सरकारी नीतियों व सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती है।
SE ID और फील्ड वेरिफिकेशन की भूमिका
जब सरकारी गणनाकर्ता आपके घर पर आएंगे, तो वे आपसे आपका SE ID पूछेंगे। इस ID के जरिए वे आपके द्वारा दी गई ऑनलाइन जानकारी को तुरंत सत्यापित कर पाएंगे, जिससे सर्वे प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरता, तो पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर डेटा एकत्र किया जाएगा।