गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है। लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा बनने जा रहा है। 29 अप्रैल से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है, जिससे संभल से लखनऊ और प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। वहीं मुरादाबाद और बुलंदशहर से लखनऊ जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आधुनिक सड़क नेटवर्क के माध्यम से पूरे राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
लंबाई और रूट
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर बताई जा रही है, जो मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है। यह रूट राज्य के दो प्रमुख क्षेत्रों के बीच सीधा और तेज संपर्क प्रदान करेगा।
किन जिलों से गुजरेगा
गंगा एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। इससे इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप
गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायु सेना (IAF) के आपातकालीन लैंडिंग के लिए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई जा रही है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 36,230 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा कराया जा रहा है।
कब और कौन करेगा उद्घाटन
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को पीएम मोदी के हाथों होने जा रहा है। पहले मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत की तारीखें सामने आई थीं, लेकिन अब 29 अप्रैल को सबसे अपडेटेड तारीख माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरदोई जिले से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का शुभारंभ करेंगे। बता दें कि दिसंबर 2021 में इस परियोजना की आधारशिला भी पीएम मोदी ने रखी थी।
दो मुख्य टोल प्लाजा
गंगा एक्सप्रेसवे मार्ग पर मेरठ और प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा स्थापित किए जाएंगे, जबकि पूरे मार्ग पर कुल 15 रैंप टोल प्लाजा भी बनाए जाएंगे।
फायदे और महत्व
गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज की यात्रा मात्र 6–7 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह परियोजना न सिर्फ यात्रा समय कम करेगी, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को भी तेज गति देगी, जिससे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।