पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के प्रचार के तेज होने के साथ ही प्रत्याशियों द्वारा घोषित संपत्तियों का लेखा-जोखा भी सामने आया है, जिसमें राज्य के कई प्रमुख राजनेताओं की संपत्ति उजागर हुई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और चुनावी शपथपत्रों के आधार पर तैयार आंकड़ों से पता चलता है कि कई विधायक करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं, जिससे राजनीति में धन के बढ़ते प्रभाव पर बहस तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जाकिर हुसैन इस बार के सभी कैंडिडेट्स में सबसे अमीर है.
सबसे अमीर प्रत्याशी: जाकिर हुसैन सबसे आगे
इस सूची में सबसे ऊपर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के जाकिर हुसैन हैं, जो मुर्शिदाबाद के जंगीपुर से विधायक हैं। उनकी कुल घोषित संपत्ति 67 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें लगभग 49.3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 17.9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। उनकी संपत्ति इस सूची में सबसे अधिक बताई गई है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर प्रमुख टीएमसी नेता
दूसरे स्थान पर टीएमसी के अहमद जावेद खान हैं, जो दक्षिण 24 परगना के कासबा से विधायक हैं। उनकी कुल संपत्ति लगभग 32.3 करोड़ रुपये है, जिसमें निवेश और रियल एस्टेट प्रमुख हैं। तीसरे स्थान पर कोलकाता नॉर्थ के जोरासांको से विधायक विवेक गुप्ता हैं, जिनकी संपत्ति 31.9 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
पश्चिम बंगाल चुनाव: सबसे अमीर टॉप 5 उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 में सबसे अमीर उम्मीदवारों की लिस्ट आप यहां देख सकते है-
| क्रमांक | उम्मीदवार का नाम | पार्टी | निर्वाचन क्षेत्र | कुल संपत्ति |
| 1 | जाकिर हुसैन | TMC | जंगीपुर | 67 करोड़+ |
| 2 | अहमद जावेद खान | TMC | कासबा | 32.3 करोड़ |
| 3 | विवेक गुप्ता | TMC | जोरासांको | 31.9 करोड़+ |
| 4 | मनोज तिवारी | TMC | शिबपुर | 20.3 करोड़ |
| 5 | बायरन बिस्वास | TMC | सागरदिघी | 20.1 करोड़ |
अन्य प्रमुख करोड़पति विधायक
इस सूची में कई अन्य विधायक भी शामिल हैं। टीएमसी के मनीष तिवारी (शिबपुर) की संपत्ति लगभग 20.3 करोड़ रुपये, जबकि बायरन बिस्वास (सागरीघाट) की संपत्ति लगभग 20.1 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कलिम्पोंग से बीजीपीएम उम्मीदवार रुडेन सदा लेप्चा की संपत्ति 18.2 करोड़ रुपये से अधिक है, जो उन्हें गैर-टीएमसी उम्मीदवारों में प्रमुख बनाती है।
कुल प्रवृत्ति और चुनावी परिदृश्य
रिपोर्ट के अनुसार टीएमसी के कई नेता इस सूची में शीर्ष स्थानों पर हैं, हालांकि भाजपा और अन्य दलों के उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं। ADR द्वारा संकलित यह आंकड़े बताते हैं कि चुनावी राजनीति में व्यक्तिगत संपत्ति की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।