दुनिया में कचरा निपटान की समस्या एक बड़ी समस्या है, लेकिन कई शहर ऐसे भी हैं, जो अपने आप को कचरा मुक्त करने की पूरी कवायद कर रहे हैं। हालांकि, दुनिया का एक शहर ऐसा भी है, जो कि पहला कचरा मुक्त शहर कहा जाता है। यह शहर जापान का कामिकात्सु शहर है, जो कि जीरो वेस्ट प्रबंधन का अनूठा उदाहरण माना जाता है।
यह एक छोटा पहाड़ी शहर है, जिसने साल 2003 में ही 2020 तक खुद को कचरा मुक्त करने का संकल्प ले लिया था। अपने इस संकल्प को पूरा करते हुए इस शहर ने खुद को सबसे पहले कचरा मुक्त शहर बनाया है। इसके पीछे नागरिकों का अनुशासन और खुद का एक सिस्टम है।
कचरे को 45 श्रेणियों में किया वर्गीकृत
कामिकात्सु शहर के लोगों ने कचरे एक या दो नहीं, बल्कि 45 अलग-अलग श्रेणियों में बांट लिया था। अमूमन सभी शहरों मे कचरे को गीला और सूखा, सिर्फ दो ही श्रेणी में बांटा जाता है। उदाहरण के तौर पर देखें, तो यहां एल्यूमीनियम कैन, स्टील कैन, प्लास्टिक की बोतलें, बोतलों के ढक्कन, अखबार, मैगजीन, गत्ते, कपड़े और सिगरेट के बट भी अलग रखे जाते हैं। वहीं, बोतल और डिब्बों को फेंकने के बजाय अच्छी तरह धोकर सुखाया जाता है, जिससे बाद में इसे रिसाइकिल कर सके।
शहर में नहीं होता है कचरे का डोर-टू-डोर क्लेक्शन
शहर में कचरा उठाने के लिए घरों तक गाड़ियां नहीं पहुंचती हैं, बल्कि यहां के लोग खुद ही वेस्ट स्टेशन तक अपना कचरा खुद फेंकते हैं। स्टेशन पर एक कर्मचारी तैनात रहता है, जो कि यह सुनिश्चित करता है कि कचरा सही श्रेणी में फेंका गया है या नहीं। वहीं, जिन लोगों के घरों में गाड़ी नहीं है, उनके लिए स्वंयसेवक होते हैं।
‘कुरु-कुरु दुकान’ की रहती है भागीदारी
इस शहर में ‘कुरु-कुरु दुकान’ है, जहां शहर के लोग अपनी पुरानी और अच्छी स्थिति वाली चीजें छोड़ जाते हैं। इन चीजों को शहर के अन्य लोग अपनी जरूरत के हिसाब से ले जाते हैं। ऐसे में शहर में नई चीजों की खरीद कम होती है और कचरा उत्पादन भी कम होता है।
जैविक कचरे का होता है निपटान
कामिकात्सु शहर में जैविक कचरे से घरों में ही खाद बना दी जाती है। इसके तहत घर का सारा गीला कूड़ा खाद में बदल दिया जाता है और इसका उपयोग बगीचों और खेतों में किया जाता है।