पांच राज्यों / UTs में होने वाले आगामी चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी राजनीतिक विज्ञापनों के लिए MCMC से पूर्व-स्वीकृति अनिवार्य होगी। यह नियम टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया सहित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू रहेगा। बिना अनुमति विज्ञापन जारी करने पर सख्त कार्रवाई होगी, जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापनों के लिए अनिवार्य पूर्व-स्वीकृति
आयोग के अनुसार, सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संगठनों को किसी भी विज्ञापन को जारी करने से पहले Media Certification and Monitoring Committee (MCMC) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना स्वीकृति कोई भी विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जा सकेगा।
सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर लागू नियम
यह नियम टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया, ई-पेपर, बल्क SMS, वॉइस मैसेज और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। उम्मीदवार जिला स्तर की MCMC से और राजनीतिक दल राज्य स्तर की MCMC से निर्धारित समय सीमा में आवेदन कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों को अपने विज्ञापनों को मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से पूर्व-प्रमाणित करवाना होगा
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) March 20, 2026
उम्मीदवारों को अपने वास्तविक सोशल मीडिया खातों की जानकारी साझा करनी होगी
विवरण: https://t.co/y5thNhPWt4 @ECISVEEP
चुनावी निर्देश: 5 प्रमुख बातें
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सभी राजनीतिक विज्ञापनों के लिए Media Certification and Monitoring Committee (MCMC) से पूर्व-स्वीकृति अनिवार्य कर दी गई है।
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यह नियम टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया, ई-पेपर, SMS और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लागू होगा।
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उम्मीदवारों को नामांकन के समय अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देनी होगी और 75 दिनों में खर्च का ब्यौरा देना होगा।
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फेक न्यूज, पेड न्यूज और भ्रामक जानकारी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
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15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनाव और 6 राज्यों में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया।
सोशल मीडिया और खर्च का देना होगा लेखा-जोखा
साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना प्रमाणन के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन इंटरनेट या सोशल मीडिया पर नहीं डाला जा सकता। उम्मीदवारों को नामांकन के समय अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खातों की जानकारी देनी होगी और चुनाव के 75 दिनों के भीतर ऑनलाइन प्रचार खर्च का ब्यौरा भी जमा करना होगा।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
आयोग ने पेड न्यूज़ पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। साथ ही, राज्य स्तर पर अपीलीय समिति का गठन किया गया है, जहां MCMC के फैसलों को चुनौती दी जा सकती है। यह कदम चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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