भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इनमें से हमें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर विधानसभा चुनाव देखने को मिलते हैं। हालांकि, दक्षिण भारत का केरल राज्य ऐसा है, जहां सबसे पहले विधानसभा चुनाव आयोजित हुए थे।
वर्तमान में केरल विधानसभा में कुल 140 सीटें हैं, जिसमें दक्षिण की राजनीति से प्रमुख चेहरे शामिल हैं। क्या है यहां चुनाव का इतिहास और किस पार्टी ने चुनाव जीतकर बनाई थी सरकार, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
कब हुआ केरल का ऐतिहासिक चुनाव
केरल के ऐतिहासिक चुनाव की बात करें, तो आजाद भारत में राज्यों का पुनर्गठन 1956 में किया गया था। इसके बाद साल 1957 में पहली बार मार्च में केरल राज्य में विधानसभा चुनाव हुए थे।
कम्युनिस्ट पार्टी ने बनाई थी सरकार
केरल विधानसभा चुनाव के दौरान यह पहली बार हुआ था, जब किसी कम्यूनिस्ट पार्टी (ईएमएस नंबूदरीपाद के नेतृत्व में) ने लोकतांत्रिक जीत हासिल की और अपनी सरकार भी बनाई।
कब हुए थे आम चुनाव
भारत में पहले आम चुनावों की बात करें, तो यह अक्टूबर, 1951 से फरवरी, 1952 में हुए थे। इसमें पूरे देश में एक साथ लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के लिए चुनाव का आयोजन किया गया था। उस समय इन्हें 'Part A, B, C' राज्य कहा जाता था। वहीं, हिमाचल प्रदेश पहला स्थान था, जहां सबसे पहले मतदान किये गए थे। हालांकि, यदि पुनर्गठित राज्य के रूप में देखें, तो सबसे पहले विधानसभा चुनाव कराने में केरल का नाम ही टॉप पर आता है।
केरल में ही हुआ था पहली EVM का उपयोग
आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि भारत में सबसे पहली EVM मशीन का उपयोग केरल राज्य में ही किया गया था। यहां 1982 में पारुर विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीन के माध्यम से लोगों ने अपने मतों का उपयोग किया गया था।
2010 में बढ़ी केरल विधानसभा की सीटें
केरल विधानसभा का गठन 5 अप्रैल, 1957 को किया गया था। उस समय इसमें मनोनित सदस्य समेत 127 सदस्य हुआ करते थे। हालांकि, बाद में परिसीमन के बाद साल 2010 में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 140 हो गई। राज्य में मुख्य रूप से लेफ्ट व कांग्रेस पार्टी में टक्कर देखने को मिलती है।