उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इसके साथ ही यह सबसे अधिक जिले वाला राज्य भी है। हाल ही में प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सोलर पैनल इंस्टॉलेशन के मामले में सूरत को पछाड़ इतिहास रच दिया है। लखनऊ राज्य का पहला जिला बन गया है, जिसमें सबसे अधिक सोलर पैनल लगाए गए हैं।
इस वजह से इसे Solar City के रूप में भी नई पहचान मिल गई है। सौर ऊर्जा से शहर में विभिन्न सरकारी कार्यालयों और घरों में बिजली की आपूर्ती हो रही है।
सूरत को पछाड़ लखनऊ कैसे बना Solar City
अप्रैल 2026 के ताजा आंकड़ों पर गौर करें, तो लखनऊ अब सूरत को पछाड़कर भारत का नंबर-1 सौर शहर (Solar City)बन गया है। इसका श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की रणनीतिक योजनाओं के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी को जाता है। यह उपलब्धि इस प्रकार हासिल हुई हैः
-अप्रैल 2026 तक, लखनऊ में 87,000 से अधिक घरों की छतों पर सोलर पैनल लग गए हैं।
-2026 की शुरुआत में ही राजधानी में 3,000 से अधिक नए सोलर पैनल को लगा दिया गया था।
-शहर में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 40% सब्सिडी और बिना किसी गारंटी के सस्ते ऋण की व्यवस्था की गई थी। इससे लोगों ने आगे बढ़कर सोलर पैनल लगवाए हैं।
-लखनऊ में नेट मीटरिंग के माध्यम से बिजली बिल को शून्य किया गया, जिससे खपत से अधिक बिजली ग्रिड में वापस चली जाती थी।
क्या रही UPNEDA की भूमिका
लखनऊ को सोलर शहर बनाने के पीछ उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) की भी भूमिका रही है। इसके माध्यम से आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाया गया।
-शहर में पहले सोलर वेंडर्स की संख्या 60 हुआ करती थी, जो कि अब बढ़कर 6,000 हो गई है। इससे यहां सेवाओं में सुधार हुआ है।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं। ये सभी जिले कुल 18 मंडलों में आते हैं, जो कि चार संभागों का हिस्सा हैं। इन संभागों में पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड शामिल है। राज्य में कुल 28 विकास प्राधिकरण, 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, 17 नगर निगम, 351 तहसील, 80 लोकसभा और 31 राज्यसभा सीटें हैं।