UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के हालिया स्पष्टीकरणों के अनुसार, आधार कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) के अंतिम या स्वतंत्र प्रमाण के रूप में मान्य नहीं होगा। आधार का मुख्य उद्देश्य पहचान (Identity) स्थापित करना है, न कि जन्म रिकॉर्ड की पुष्टि करना। आधार में दर्ज जन्मतिथि अक्सर स्वयं-घोषणा (self-declaration) या सहायक दस्तावेजों के आधार पर होती है, इसलिए किसी कानूनी या प्रशासनिक विवाद में इसे पुख्ता सबूत नहीं माना जा सकता।
UIDAI ने क्या कहा?
UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने साफ किया है कि आधार कार्ड पहचान (Identity Proof) के रूप में तो मान्य है, लेकिन इसे जन्मतिथि (Date of Birth) का वैध प्रमाण नहीं माना जाएगा। यदि आधार में दर्ज जन्मतिथि को लेकर कोई विवाद होता है, तो इसकी सही जानकारी साबित करने की जिम्मेदारी आधार धारक की होगी। यानी व्यक्ति को अलग से वैलिड डाक्यूमेंट्स पेश करने होंगे।
कानूनी स्थिति और UIDAI का रुख
आधार एक्ट 2016 के तहत भी आधार का उपयोग केवल पहचान सत्यापन के लिए किया जाता है। UIDAI ने स्पष्ट किया है कि जन्मतिथि का निर्णायक प्रमाण प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी व्यक्ति की होती है, और इस उद्देश्य के लिए आधार पर्याप्त नहीं है।
जन्मतिथि (DoB) के कौन से है मान्य डाक्यूमेंट्स
जब किसी सरकारी या निजी संस्था को DoB वेरिफिकेशन की आवश्यकता होती है, तब यहां बताये गए डाक्यूमेंट्स को आप मान्य और विश्वसनीय प्रमाण मान सकते है-
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जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): नगर निगम या जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा जारी, सबसे अधिक मान्य दस्तावेज।
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10वीं की मार्कशीट (SSLC/मैट्रिक): मान्यता प्राप्त बोर्ड द्वारा जारी, DOB के लिए भरोसेमंद प्रमाण।
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पासपोर्ट (Passport): सरकारी दस्तावेज, जिसमें पहचान और जन्मतिथि दोनों की पुष्टि होती है।
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सरकारी DOB प्रमाण पत्र: किसी सक्षम सरकारी अधिकारी या प्राधिकरण द्वारा जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र।
ये सभी डाक्यूमेंट्स आधार की तुलना में अधिक कानूनी महत्व रखते हैं, क्योंकि इनमें जन्मतिथि सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर दर्ज होती है, जिससे उम्र निर्धारण अधिक सटीक और विश्वसनीय होता है।
आधार का असली काम क्या है?
UIDAI के अनुसार, आधार का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान को सत्यापित करना है। यह सुनिश्चित करता है कि सेवा या सब्सिडी लेने वाला व्यक्ति वही है जिसने आधार के लिए नामांकन किया था।
क्या कहता है कानून?
आधार अधिनियम 2016 में जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में आधार को स्वीकार करने को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। हालांकि इसमें DOB जैसी जानकारी को एकत्र और अपडेट करने की अनुमति दी गई है।
कैसे अपडेट करें आधार में DOB?
जन्मतिथि अपडेट करने के लिए आधार धारक को वैध दस्तावेज देने होंगे, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, पेंशनर या सर्विस आईडी कार्ड, या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड की मार्कशीट/सर्टिफिकेट आदि।