8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में बदलाव की उम्मीद के बीच यह फेज बेहद अहम माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों की मांग पर आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है। इससे संगठनों को अपने प्रस्ताव तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।
मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख
पहले क्या थी डेट:30 अप्रैल 2026
अब क्या है डेट:31 मई 2026
ऑनलाइन सबमिशन अनिवार्य
आयोग ने साफ कर दिया है कि केवल ऑनलाइन माध्यम से ही सुझाव स्वीकार किए जाएंगे। हार्ड कॉपी, पीडीएफ या ईमेल के जरिए भेजे गए मेमोरेंडम पर विचार नहीं किया जाएगा।
NC-JCM के साथ अहम बैठक
28 अप्रैल 2026 को 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई (Ranjana Prakash Desai) ने नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें कर्मचारियों की प्रमुख मांगों, फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी और पेंशन सुधार पर विस्तार से चर्चा हुई और मेमोरेंडम जमा करने की समयसीमा बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया गया।
मुख्य मांगें: सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव
कर्मचारी संगठनों ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक पे 69,000 रुपये करने की मांग रखी है। साथ ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
कौन दे सकता है सुझाव?
8वें वेतन आयोग को सुझाव केंद्र सरकार के सभी कर्मचारी दे सकते हैं, जिनमें औद्योगिक व गैर-औद्योगिक कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारी, मंत्रालयों व विभागों के कर्मचारी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी और पेंशनर संगठन शामिल हैं। अधिकृत नोडल अधिकारी भी अपने विभाग की ओर से मेमोरेंडम जमा कर सकते हैं।
मेमोरेंडम में क्या शामिल होता है?
मेमोरेंडम में वेतन, पेंशन, भत्तों, फिटमेंट फैक्टर और कार्य परिस्थितियों से जुड़ी मांगें शामिल होती हैं। अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपने-अपने प्रस्ताव स्वतंत्र रूप से जमा कर सकते हैं।