उत्तर प्रदेश का सिलिका रेत वाला जिला, जिसे कहा जाता है कांच उद्योग की रीढ़

Last Updated: Jun 30, 2026, 17:09 IST

उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिसमें एक जिला सिलिका रेत के लिए जाना जाता है। इसे लेकर अक्सर परीक्षाओं में भी सवाल पूछा गया है। अपने इस लेख में हम इस संबंध में विस्तार से जानेंगे।

सिलिका रेत वाला जिला
सिलिका रेत वाला जिला

उत्तर प्रदेश देश का विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं वाला राज्य है। यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपने समृद्ध इतिहास और विविधताओं के लिए जाना जाता है। प्रदेश में कुल 75 जिले और 18 मंडल हैं। इस कड़ी में यहां एक जिला ऐसा भी है, जो कि सिलिका रेत के लिए जाना जाता है। इस लेख में हम जिले का नाम और इसके आर्थिक व सामाजिक महत्त्व के बारे में जानेंगे।

कौन-सा जिला सिलिका रेत के लिए है प्रसिद्ध

उत्तर प्रदेश का प्रयागराज जिला पूरे भारत में अपनी गुणवत्तापूर्ण सिलिका रेत के लिए जाना जाता है। हालांकि, इसके अलावा चित्रकूट और झांसी में भी सिलिका रेत पाई जाती है, लेकिन मुख्य रूप से प्रयागराज को ही सिलिका रेत के लिए जाना जाता है। प्रयागराज में शंकरगढ़ एरिया सिलिका रेत का मुख्य केंद्र है।

क्यों मिलती है सिलिका रेत 

प्रयागराज का यह एरिया विंध्य पर्वत श्रृंखला के पठारी भाग में शामिल है। यहां जमीन की ऐसी संरचना है कि बलुआ पत्थरों की चट्टानें टूटकर सिलिका रेत में बदल गई हैं। वहीं, यहां गंगा और यमुना का संगम होता है, जिससे बहुत समय पहले नदियों के बहाव और भूगर्भीय हलचल की वजह से इस एरिया में सिलिका का जमाव हुआ है। आपको बता दें कि सिलिका रेत को सफेद बालू कहा जाता है।

सिलिका रेत की गुणवत्ता

आपको बता दें कि प्रयागराज में मिलने वाली सिलिका रेत को भारत में सबसे बेहतरीन सिलिका रेत कहा जाता है।  इसमें सिलिका की मात्रा 95 फीसदी से अधिक रहती है। ऐसे में इसमें लोहा और अन्य अशुद्धियां(Impurities) कम पाई जाती हैं। इस वजह से यह दिखने में हल्की सफेद या भूरी-सफेद होती है। सिलिका की मात्रा अधिक होने की वजह से यह उच्च उच्च तापमान को सहन कर सकती है।

कांच उद्योग की रीढ़ है सिलिका रेत 

सिलिका रेत को कांच उद्योग की रीढ़ कहा जाता है। यूपी के फिरोजाबाद में मुख्य रूप से प्रयागराज की सिलिका रेत को ही मंगाया जाता है। वहीं, खिड़कियों के कांच, कांच के बोतलें और कांच के अन्य सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों में भी सिलिका रेत का उपयोग होता है। इसके अलावा चीनी मिट्टी के बर्तन और टाइल्स व सीमेंट बनाने में भी सिलिका रेत का उपयोग होता है।

खनन और इससे होने वाला रोजगार

सिलिका रेत उद्योग प्रयागराज के स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का मुख्य स्रोत है। यहां खदानों से रेत निकालने के बाद इसे साफ किया जाता है और प्रयोग के लायक बनाया जाता है, जिसके बाद इसे ट्रकों द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है।

इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क है, जिससे कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। हालांकि, रेत के अवैध खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। यही वजह है कि सरकार द्वारा सिर्फ वैज्ञानिक रूप से खनन करने को ही मंजूरी दी गई है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jun 30, 2026, 17:09 IST

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