आपने मेट्रो में सफर जरू किया होगा। समय और सुविधा के मामले में मेट्रो को एक बेहतर साधन के रूप में जाना जाता है। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हमें अलग-अलग मेट्रो देखने को मिल जाएगी।
हालांकि, सबसे तेज रफ्तार के लिए नमो भारत को जाना जाता है। यह रैपिड मेट्रो दिल्ली से मेरठ की दूरी को सिर्फ 50 से 60 मिनट में पूरा कर लेती है। इस लेख में हम भारत की सबसे तेज मेट्रो के बारे में जानेंगे।
नमो भारत (RRTS) - दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर
नमो भारत एक प्रकार से तकनीकी रूप से 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' है, जो कि सबसे तेज मेट्रो के रूप में जाना जाता है। इसकी ऑपरेशनल गति 160 किलोमीटर प्रतिघंटा और अधिकतम गति सीमा 180 किलोमीटर प्रतिघंटा है। यह दिल्ली से मेरठ की दूरी को सिर्फ 50 से 60 मिनट में पूरी करती है। पहले इस सफर के लिए लोगों को 2 से 3 घंटे का समय लग जाता था। हालांकि, अब लोगों का समय और पैसा, दोनों बच रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (Orange Line)
दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस अपनी रफ्तार और सुविधा, दोनों के लिए जानी जाती है। इसकी अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रतिघंटा है, जो कि नई दिल्ली से इंदिरा गांंधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक उपलब्ध है। इसकी तुलना में यदि सामान्य दिल्ली मेट्रो देखें, तो यह 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से बहुत अधिक है। वहीं, इस मेट्रों का आंतरिक डिजाइन भी अन्य मेट्रों से अलग है। इसमें यात्रियों के सामान को रखने के लिए अलग से जगह दी गई है।
मुंबई मेट्रो लाइन-3
मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो भी अधिकतम गति के लिए डिजाइन की गई है। इसकी अधिकतम गति 95 किलोमीटर प्रतिघंटा है। वहीं, ऑपरेशन गति सीमा 85-90 किमी/घंटा तक रखी गई है। इस मेट्रों का रूट आरे कॉलोनी से बीकेसी और आगे कफ परेड तक है।
भारत में अन्य मेट्रो प्रणालियों की कितनी है स्पीड
भारत की अधिकांश प्रमुख मेट्रो प्रणालियां एक समान मानक गति पर चलती हैं: जो कि इस प्रकार हैंः
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दिल्ली मेट्रो (सामान्य लाइन): 80 किमी/घंटा।
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बंगलुरु (नम्मा) मेट्रो: 80 किमी/घंटा।
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हैदराबाद मेट्रो: 80 किमी/घंटा।
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कोलकाता मेट्रो : 80 किमी/घंटा।
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