एशिया की सबसे बड़ी मंडी की बात करें, तो वह भारत में स्थित है। यह नई दिल्ली स्थित आजादपुर मंडी है, जिसे भारत की 'किचन लाइफलाइन' भी कहा जाता है। इस मंडी को आधिकारिक तौर पर "एशिया की सबसे बड़ी फल और सब्जी मंडी" होने का गौरव प्राप्त है।
मंडी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से ट्रक माल लेकर पहुंचते हैं, जिसकी छोटे बाजारों में आपूर्ति की जाती है। इस लेख में हम एशिया की सबसे बड़ी मंडी के बारे में जानेंगे।
कब हुई थी मंडी की स्थापना
आजादपुर मंडी की स्थापना की शुरुआत 1977 में दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (DAMB) द्वारा की गई थी। वर्तमान में इसका संचालन 'कृषि उपज विपणन समिति' (APMC) द्वारा किया जाता है।
कितनी बड़ी है आजादपुर मंडी
आजादपुर मंडी करीब 80 से 90 एकड़ जमीन पर स्थित है। इस जमीन पर गोदाम और बहुत-सी दुकानें बनी हुई हैं।
क्यों कहा जाता है 'एशिया की सबसे बड़ी मंडी'?
आजादपुर मंडी के एशिया के सबसे बड़े होने के कारण अलग-अलग हैंः
-यहां उत्तर भारत समेत खाड़ी देशों, नेपाल और बांग्लादेश से फल और सब्जियां पहुंचती हैं।
-आजादपुर मंडी में प्रतिदिन 3,000 से 5,000 ट्रक माल लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में करीब 20,000 टन माल का कारोबार होता है।
-मंडी में करीब 35,00 से अधिक पंजीकृत आढ़ती और हजारों की संख्या में श्रमिक काम करते हैं।
कैसे काम करती है मंडी
आजादपुर मंडी में देश के अलग-अलग हिस्सों से माल पहुंचता है, जिसकी सुबह-सुबह खुली नीलामी होती है। नीलामी में आढ़ती बोली लगाते हैं और अधिक बोली वाले को माल बेच दिया जाता है। इसके बाद माल को दिल्ली के छोटे बाजारों और पड़ोसी राज्यों में बिक्री के लिए भेज दिया जाता है।
बाजार के भाव तय करती है मंडी
आजादपुर मंडी में होने वाले भावों का असर पूरे देश में पड़ता है। यदि यहां पर सब्जी और फलों की आवक कम होती है, तो देशभर में सब्जी और फलों के दामों पर असर पड़ता है। आपको बता दें कि साल 2004 में आजादपुर मंडी को राष्ट्रीय महत्त्व की मंडी घोषित किया गया था। इसका मतलब हुआ कि इसके विकास के लिए केंद्र सरकार भी सहयोग कर सकती है।