NASA का Artemis II मिशन 53 साल बाद इंसानों को फिर चांद की ओर ले जा रहा है। Space Launch System और Orion कैप्सूल के जरिए चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर पृथ्वी लौटेंगे। Artemis program के तहत यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर लैंडिंग और मानव बेस बनाने की दिशा में अहम कदम है। इस मिशन में रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
फ्लोरिडा से महा-मिशन ने भरी उड़ान
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने बुधवार को फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Center) से Artemis II मिशन लॉन्च कर दिया है। विशाल Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion कैप्सूल के साथ चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचे। यह मिशन चंद्रमा पर दोबारा मानव भेजने की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
NASA Artemis II मिशन: हाई लाइट्स
- Artemis program के तहत यह पहला मानवयुक्त मिशन है, जो Apollo program के बाद इंसानों को फिर चंद्रमा के पास ले जा रहा है।
- Orion spacecraft में सवार चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर लौटेंगे, जिससे यान की सुरक्षा और क्षमता का परीक्षण होगा।
- यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग और मानव बेस बनाने की दिशा में अहम कदम है, जो आगे चलकर मंगल मिशन का रास्ता भी खोलेगा।
चार अंतरिक्ष यात्री, 10 दिन का मून मिशन
इस मिशन में रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। लगभग 10 दिनों की इस यात्रा में ये अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर घूमकर वापस लौटेंगे। यह मिशन Orion अंतरिक्ष यान की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण करेगा।
क्रूड में ये नाम है शामिल:
- Reid Wiseman
- Victor Glover
- Hristina Koch
- Jeremy Hansen
Apollo के बाद 53 साल में पहली बड़ी उड़ान
यह मिशन Artemis program का पहला मानवयुक्त परीक्षण है, जो Apollo program का उत्तराधिकारी है। 1972 के बाद पहली बार इंसान पृथ्वी की कक्षा से बाहर चंद्रमा के पास तक जाएगा। पिछली बार Apollo 13 ने सबसे लंबी दूरी तय की थी।
चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने की तैयारी
NASA का लक्ष्य इस दशक के अंत तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इंसानों को उतारना है। एजेंसी 2028 तक Artemis IV मिशन के तहत लैंडिंग की योजना बना रही है। यह मिशन चीन के साथ चल रही अंतरिक्ष होड़ का भी हिस्सा है, क्योंकि China भी 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने की तैयारी में है।
चंद्र बेस से मंगल तक का प्लान
Artemis कार्यक्रम का उद्देश्य चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना है, जिसमें भविष्य में एक चंद्र बेस बनाना भी शामिल है। Jared Isaacman के अनुसार, यह मिशन आगे आने वाले अभियानों की नींव रखेगा और मंगल ग्रह तक मानव मिशन का रास्ता तैयार करेगा। यह पूरी पहल “For All Humanity” यानी पूरी मानवता के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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