इतिहास में पहली बार FATF में भारत को मिला उपाध्यक्ष का पद, देखें किसने संभाली कमान
इतिहास में पहली बार भारत को FATF का उपाध्यक्ष पद मिला है। IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल को इस अहम जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख का परिचायक है।
भारत ने वैश्विक वित्तीय जगत में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण पर नजर रखने वाली दुनिया की सबसे प्रभावशाली संस्था FATF में भारत को पहली बार उपाध्यक्ष (Vice-President) का पद मिला है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के वरिष्ठ अधिकारी विवेक अग्रवाल को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना गया है, जो देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
FATF के शीर्ष नेतृत्व में पहली बार भारत की एंट्री
अब तक भारत FATF का सक्रिय सदस्य रहा है, लेकिन पहली बार किसी भारतीय अधिकारी को इसके उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद संगठन के अध्यक्ष के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है। उपाध्यक्ष FATF की नीतियों और वैश्विक रणनीतियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
भारत की वित्तीय ताकत का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत की मजबूत एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद-रोधी वित्तीय व्यवस्था पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का संकेत है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल भुगतान, वित्तीय पारदर्शिता और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है।
कौन है विवेक अग्रवाल?
संस्कृति मंत्रालय में सचिव और 1994 बैच के IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल ने अपनी नियुक्ति को भारत के सामूहिक प्रयासों की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान देश की मजबूत वित्तीय निगरानी व्यवस्था का परिणाम है और वे FATF के साथ मिलकर वैश्विक वित्तीय प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।
भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि खास?
FATF में उपाध्यक्ष पद मिलना सिर्फ एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव का संकेत है। इससे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नीतियों के निर्माण में भारत की आवाज और मजबूत होगी। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ वैश्विक रणनीतियों को आकार देने में भी भारत की भूमिका बढ़ेगी।
FATF के उपाध्यक्ष पद तक पहुंचना भारत की बढ़ती वैश्विक साख, मजबूत वित्तीय ढांचे और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ते प्रभाव का परिचायक है।
क्या है FATF?
फाइनेंसियल एक्शन टास्क फौर्स (Financial Action Task Force-FATF) एक अंतर-सरकारी संस्था है, जिसकी स्थापना दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए की गई थी। यह संस्था वैश्विक मानक तय करती है और देशों की वित्तीय व्यवस्थाओं का मूल्यांकन का भी कार्य करती है।
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