आप कहीं भी मकान या प्रोपर्टी खरीदेंगे या बेचेंगे, तो आपका सामना दो शब्दों से होगा। ये शब्द पॉवर ऑफ अटॉर्नी(GPA) और रजिस्ट्री(Sale Deed/ Conveyance Deed) हैं।
ये दोनों ही शब्द प्रोपर्टी से जुड़े महत्त्वपूर्ण शब्द हैं, जो कि आपके पूर्ण मालिकाना अधिकार से जुड़े हुए हैं। पावर ऑफ अटॉर्नी एक कच्चा कागज होता है, जो कि आपको संपत्ति के मालिकाना हक न देते हुए सिर्फ प्रबंधन का अधिकार देता है। कानूनी तौर पर इसकी मान्यता नहीं है। वहीं, रजिस्ट्री में मकान मालिक का नाम सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में दर्ज होता है। यह पूर्ण रूप से मालिकाना हक देता है। अब हम इसे विस्तार से समझ लेते हैं।
GPA और Registry में मुख्य अंतर
| विशेषता | रजिस्ट्री (Sale Deed/Conveyance Deed) | GPA (General Power of Attorney) |
| मालिकाना हक | इसमें पूरी तरह से मालिकाना हक होता है, जो कि कानूनी भी है। | इसमें सिर्फ प्रोपर्टी की देखभाल का अधिकार होता है। |
| कानूनी मान्यता | संपत्ति को ट्रांसफर किया जा सकता है। | सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, 2011 के बाद से संपत्ति का मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता है। |
| बैंक लोन | आसानी से सरकारी व निजी बैंक से लोन मिलेगा। | बहुत-से बैंक GPA पर लोन नहीं देते हैं। |
| सुरक्षा | इसमें धोखाधड़ी न के बराबर है, क्योंकि सभी रिकॉर्ड सरकार के पास सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में हैं। | धोखाधड़ी की अधिक गुंजाइश है। क्योंकि, जीपीए देने वाला व्यक्ति कभी भी इसे रद्द कर सकता है। |
| लागत | इसमें आपको स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस देनी होती है। | इसमें ऐसी कोई फीस नहीं है। ऐसे में यह सस्ती होती है। |
रजिस्ट्री (Sale Deed) क्या है?
जब भी हम रजिस्ट्री करवाते हैं, तो सरकार के पास जमीन व मालिक का रिकॉर्ड होता है कि फलां जमीन किसकी है। यह एक पक्का कागज होता है, जो कि पूर्ण मालिकाना हक देता है। इस कागज की मदद से भविष्य में प्रोपर्टी को बेचा जा सकता है। इस दौरान किसी भी प्रकार की कानूनी दिक्कत नहीं होती है।
GPA (General Power of Attorney) क्या है?
GPA को पुराने समय में 'सामान्य मुख्तारनामा' कहा जाता था। दरअसल, पहले अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री नहीं होती थी। ऐसे में लोग पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर घर को खरीद-बेच लिया करते थे। उस दौरान बेचने वाला यह सिर्फ यह लिख देता था कि ‘मैं अपनी भूमि की देखभाल का अधिकार फलां व्यक्ति को दे रहा हूं’। लेकिन, इससे किसी भी खरीददार को पूर्ण मालिकाना हक नहीं मिलता था।
क्या है जोखिम
यदि किसी व्यक्ति के पास GPA है, तो उसके पास प्रोपर्टी का पूर्ण मालिकाना अधिकार नहीं है। वह व्यक्ति एक मैनेजर की तरह होता है, जो कि प्रोपर्टी की देखभाल कर रहा है। ऐसे में यदि मूल मालिक की मृत्यु हो जाए, तो GPA को रद्द माना जाता है।
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