RELIEF Scheme in Hindi: मोदी सरकार ने हाल ही में पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स संकट से प्रभावित निर्यातकों को राहत देने का फैसला किया है। इस योजना से खासतौर पर MSME निर्यातकों को फायदा मिलेगा। सप्लाई चेन पर निगरानी के लिए IMG का गठन किया गया है। इसके जरिए जोखिम कवर, लागत में राहत और निर्यात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
पश्चिम एशिया संकट के बीच राहत योजना
सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री लॉजिस्टिक्स में आई बाधाओं को देखते हुए RELIEF (Resilience & Logistics Intervention for Export Facilitation) योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बढ़ती माल ढुलाई लागत, बीमा प्रीमियम और अनिश्चितता से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को राहत देना है।
सप्लाई चेन पर निगरानी के लिए IMG गठित
2 मार्च 2026 को सप्लाई चेन रेजिलिएंस के लिए इंटर-मिनिस्टेरियल ग्रुप (IMG) बनाया गया, जो रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। इस ग्रुप ने पोर्ट पर राहत, स्टोरेज चार्ज में छूट और लॉजिस्टिक्स समन्वय जैसे कदम उठाए हैं।
ECGC बनेगा नोडल एजेंसी
इस योजना के तहत ECGC लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो क्लेम प्रोसेसिंग, भुगतान और निगरानी का काम करेगी। ECGC का अनुभव निर्यात जोखिम कवर में मददगार साबित होगा।
RELIEF योजना: मुख्य हाइलाइट्स
निर्यातकों को राहत: पश्चिम एशिया में लॉजिस्टिक्स संकट से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को वित्तीय और जोखिम कवर सहायता।
ECGC नोडल एजेंसी: क्लेम प्रोसेसिंग, जोखिम कवर और भुगतान के लिए ECGC को जिम्मेदारी दी गई है।
तीन तरह का सपोर्ट: 100% तक जोखिम कवर (पुराने शिपमेंट), 95% कवर (नए निर्यात) और MSME के लिए 50% लागत रिइम्बर्समेंट।
IMG की निगरानी: सप्लाई चेन रेजिलिएंस के लिए इंटर-मिनिस्टेरियल ग्रुप (IMG) रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
₹497 करोड़ का फंड: Export Promotion Mission के तहत योजना लागू, निर्यात को स्थिर रखने और रोजगार बचाने पर फोकस।
निर्यातकों को तीन तरह की वित्तीय सहायता
RELIEF के तहत पहले से बीमित निर्यातकों को 100% तक अतिरिक्त जोखिम कवर मिलेगा। आने वाले निर्यात के लिए 95% तक कवर दिया जाएगा। वहीं, MSME निर्यातकों को बिना बीमा के भी 50% तक लागत की भरपाई (अधिकतम ₹50 लाख) दी जाएगी।
497 करोड़ की योजना, निर्यात को मिलेगा मजबूती
इस योजना के लिए 497 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। सरकार का लक्ष्य निर्यातकों का भरोसा बनाए रखना, ऑर्डर कैंसिलेशन रोकना और रोजगार को सुरक्षित रखना है, ताकि वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत का व्यापार मजबूत बना रहे।
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