UPSC CSE 2025 Jatin Jakhar AIR 191: सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 में जतिन जाखड़ ने ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। हरियाणा में जन्में जतिन ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर यह मुकाम हासिल किया। हालांकि, वह 4 बार सिविल सेवा परीक्षा को पास करने में असफल रहे लेकिन हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें। अपने 5वें प्रयास में उन्होंने 191 रैंक के साथ सिविल सेवा की परीक्षा पास की। जतिन की यह कहानी ‘कोशिश न करने वालों की कभी हार नहीं होती’ पर एकदम सटीक बैठती है और हजारों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई। आज हम आपको उनकी सफलता की कहानी बताएंगे।
कौन है जतिन जाखड़?
जतिन जाखड़ का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ। जतिन ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल कर अपनी एक अलग पहचान बनाई। वह एक बेहद ही साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता आर्मी से रिटायर्ड है और वर्तमान में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं। उनके पास हमेशा संसाधन सीमित रहे पर जीवन में कुछ बड़ा कर गुजरने का हौंसला पूरा था। परिवार ने हमेशा जतिन को पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया और वह शुरू से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं।
जतिन जाखड़ की Education Qualification
जतिन जाखड़ ने अपनी स्कूल शिक्षा हरियाणा में झज्जर में रहकर पूरी की। ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए घर से बाहर चले गए। इसके चलते वह तकरीबन 9 साल अपने घर से दूर रहें। पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया और तैयारी में जुट गए। पहले 4 प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी पर उनका जज्बा कम नहीं हुआ। अपने पांचवे में प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 में जतिन ने ऑल इंडिया रैंक 191 हासिल कर इतिहास रच दिया।
जतिन जाखड़ ने UPSC की तैयारी कैसे की?
जतिन जाखड़ के चार बार फेल होने के बाद पांचवीं बार में UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई और सही रणनीति की भूमिका रही है। बेसिक के लिए सामान्य अध्ययन, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर मजबूत पकड़ बनाई। वह हमेशा अपडेट रहने के लिए अखबार, सरकारी रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजरे बनाए रखते थे। मेन्स की परीक्षा के लिए जतिन रोजाना लिख-लिख कर अभ्यास करते थे और इंटरव्यू के लिए मॉक इंटरव्यू में भाग लेते थे।
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