केरल के रहने वाले श्रीनाथ के. ने कड़ी मेहनत, लगन और सही रणनीति के दम पर 2018 में सिविल सेवा परीक्षा (CSE) पास की और IAS बन गए। आज उनको पूरा भारत सलाम कर रहा है। सिविल सेवा परीक्षा अपने आप में काफी कठिन मानी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी यह परीक्षा देते हैं, लेकिन चंद ही सफल हो पाते हैं। इसमें तीन चरण होते हैं, जिन्हें क्रैक करने के बाद ही अभ्यर्थी IAS, IPS और IFS बनते हैं। श्रीनाथ के. ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर एक मिसाल कायम करने का काम किया। श्रीनाथ की यह कहानी हज़ारों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई। आज हम आपको उनकी सफलता की कहानी बताएंगे।
कौन है श्रीनाथ के?
श्रीनाथ के. का जन्म केरल के मुन्नार में हुआ। उन्होंने 2018 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया। उनका जीवन आर्थिक तंगी में गुजरा। पैसे की तंगी की वजह से श्रीनाथ को हाई स्कूल के बाद आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार का पालन पोषण करने के लिए एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करना शुरू किया। इन्हीं मुश्किल हालातों के बीच श्रीनाथ ने सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया और कड़ी मेहनत करने की राह पर निकल पड़े।
IAS का सफर नहीं था आसान
श्रीनाथ ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले फ्री वाई फाई से शुरू की। पढ़ाई से संबंधित चीजें डाउनलोड करने से लेकर ऑनलाइन लेक्चर देखने तक, उन्होंने एक पब्लिक यूटिलिटी को अपनी पर्सनल क्लासरूम में बदल दिया। इस दौरान श्रीनाथ ने केरल पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित स्टेट लेवल सिविल सर्विस एग्जाम पास किया। इस सफलता से श्रीनाथ का आत्मविश्वास बढ़ा और IAS बनने की राह काफी हद तक आसान हो गई। श्रीनाथ को तीन बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में हार का सामना करना पड़ा। पर उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें। आखिर साल 2018 में अपने चौथे अटेम्प्ट में एक दमदार स्कोर के साथ UPSC का एग्जाम क्रैक कर इतिहास रचने का काम किया।
श्रीनाथ के. ने कैसे की UPSC की तैयारी?
श्रीनाथ के तीन बार फेल होने के बाद चौथी बार में UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई और सही रणनीति की भूमिका रही है। बेसिक के लिए सामान्य अध्ययन, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर मजबूत पकड़ बनाई। वह हमेशा अपडेट रहने के लिए अखबार, सरकारी रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजरे बनाए रखते थे। मेन्स की परीक्षा के लिए श्रीनाथ रोजाना लिख-लिख कर अभ्यास करते थे और इंटरव्यू के लिए मॉक इंटरव्यू में भाग लेते थे।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation