झारखंड सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब राज्य के 'सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस' में पढ़ने वाले मेधावी छात्रों को JEE (इंजीनियरिंग) और NEET (मेडिकल) जैसी कठिन प्रतियोगी एग्जाम के लिए फीस कोचिंग दी जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाना है, जो संसाधनों की कमी के कारण बड़े कोचिंग संस्थानों की फीस नहीं भर पाते। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभाशाली छात्रों की राह से आर्थिक बाधाओं को हटाना है, जो कोचिंग की भारी-भरकम फीस वहन नहीं कर सकते।
योजना की मुख्य विशेषताएं
इस योजना के तहत छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान मिलेगा, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाएगा।
| इवेंट | इंपोर्टेंट डिटेल्स |
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय नि:शुल्क कोचिंग योजना |
| लक्षित छात्र | 11वीं और 12वीं के छात्र |
| प्रतियोगी एग्जाम | JEE Main/Advanced, NEET, और CLAT |
| कोचिंग का माध्यम | हाइब्रिड (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) |
| चयन प्रक्रिया | एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर |
| सुविधाएं | डिजिटल लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और टेस्ट सीरीज |
कैसे होगा छात्रों का चयन?
इस नि:शुल्क तैयारी का लाभ उठाने के लिए छात्रों को एक पारदर्शी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
- स्क्रीनिंग टेस्ट: स्कूलों में नामांकित छात्रों के लिए एक विशेष चयन एग्जाम आयोजित की जाएगी।
- योग्यता: छात्र का संबंधित स्कूल में नियमित होना और पिछली कक्षा में अच्छे मार्क्स प्राप्त करना अनिवार्य है।
- बैच का निर्धारण: चयनित छात्रों के अलग बैच बनाए जाएंगे ताकि उन पर विशेष ध्यान दिया जा सके।
क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?
सरकार ने इस कोचिंग प्रोग्राम को निजी संस्थानों की तर्ज पर डिजाइन किया है। छात्रों को निम्नलिखित सुविधाएं दी जाएंगी।
- अनुभवी फैकल्टी: सब्जेक्ट विशेषज्ञों द्वारा कठिन टॉपिक्स को आसान भाषा में समझाया जाएगा।
- स्टडी मटेरियल: छात्रों को मुफ्त में किताबें और प्रैक्टिस सेट दिए जाएंगे।
- स्मार्ट क्लासरूम: डिजिटल बोर्ड और रिकॉर्डेड लेक्चर्स की सुविधा उपलब्ध होगी।
- डाउट क्लियरिंग सेशन: हर हफ्ते छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग से क्लास होगी।
- नियमित टेस्ट: हर 15 दिन में यूनिट टेस्ट लिए जाएंगे ताकि छात्र अपनी प्रगति जान सकें।
अभिभावकों और छात्रों के लिए संदेश
यह कदम झारखंड के शिक्षा मॉडल में एक बड़ा बदलाव लाएगा। अब गांव-देहात के बच्चे भी दिल्ली या कोटा जाए बिना अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय कोचिंग प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की सफलता के आड़े न आए।
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