भारत में किसे कहा जाता है ‘Forest Man of India’, अपने दम पर खड़ा कर दिया था विशाल जंगल

Last Updated: May 22, 2026, 12:49 IST

भारत में एक व्यक्ति ऐसे भी हैं, जिन्हें ‘Forest Man of India’ के नाम से भी जाना जाता है। यह ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपने दम पर ब्रह्मपुत्र नदी के एक रेतीले द्वीप पर जंगल खड़ा कर दिया था।

भारत के फॉरेस्ट मैन
भारत के फॉरेस्ट मैन

भारत में आपने ‘स्टील मैन’ और ‘मिल्क मैन’ के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में एक व्यक्ति ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपने दम पर ब्रह्मपुत्र नदी के एक रेतीले द्वीप बड़ा जंगल खड़ा कर दिया था। यह हैं जादव पायेंग, जिन्हें आज ‘Forest Man of India’ के नाम से भी जाना जाता है। इनकी कहानी एक दृढ़ संकल्प की कहानी है, जिसने अद्भुत मिसाल पेश की है। इस लेख में हम जादव पायेंग और उनके मिशन के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कब हुई थी मिशन की शुरुआत 

जादव ने अपने मिशन की शुरुआत 1979 में की थी। उस समय असम में बाढ़ आई थी, जब पानी का स्तर कम हुआ, तो उन्होंने देखा का ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे रेत पर सैंकड़ों सांप मरे हुए थे। जब इस कारण का पता किया तो, पता चला कि सांप गर्मी और पेड़ की कमी की वजह से मरे थे। ऐसे में जादव ने निश्चय किया कि वह बंजर जमीन पर पेड़ लगाएंगे।

विशाल जंगल का किया निर्माण 

जादव ने अपने मिशन की शुरुआत करने के बाद जोरहाट जिले में कोकिलामुख के पास एक रेतीले टापू पर बांस के पौधे लगाए। वह सिर्फ पहले दिन ही नहीं रूके, बल्कि वह अगले 30 वर्षों तक हर दिन पौधा लगाते रहे। इस दौरान बंजर जमीन पर 1360 एकड़ जमीन पर घने जंगल बन चुके थे। 

जादव के नाम से जाना गया जंगल 

जादव ने जब करीब 550 हेक्टेयर जमीन पर घने जंगल बना दिए थे, तो उनके सम्मान में जंगल का नाम ‘मोलाई’ फॉरेस्ट कहा गया। दरअसल, मोलाई, जादव का उपनाम है। उनके नाम पर ही यह नाम रखा गया है।

आज जैव विविधता का केंद्र है जंगल 

जो जगह सिर्फ रेत के लिए जानी जाती थी, वहां अब एक समृद्ध जैव विविधता वाला क्षेत्र बन चुका है। खास बात यह है कि इस जंगल में अब बंगाल टाइगर से लेकर भारतीय गैंडे और हिरण समेत कई पक्षी पाए जाते हैं। यही नहीं, इस जंगल में हर साल 100 हाथियों का एक झुंड आता है, जो कि कई महीनों तक रूकता है।

वन विभाग को इस प्रकार मिली थी जानकारी

जादव पायेंग ने अपने काम का प्रचार-प्रसार नहीं किया। वह वर्षों से चुपचाप अपना काम कर रहे थे। इस दौरान 2008 में वन विभाग के कुछ अधिकारी हाथियों के झुंड का पीछा कर रहे थे, तब वे उनके द्वारा बनाए गए जंगल तक पहुंचे और देखकर हैरान हो गए कि आखिर किस प्रकार एक व्यक्ति ने इस जंगल को खड़ा कर दिया।

जादव को मिले हैं ये पुरस्कार

जादव को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें 2015 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हालांकि, इससे पहले 2012 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें आधिकारिक तौर पर ‘Forest Man of India’ की उपाधि मिली।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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First Published: May 22, 2026, 12:49 IST

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