Sugar Price Hike: चीनी के दाम अब घटेंगे या और बढ़ेंगे? ISMA ने दिया यह बड़ा अपडेट
Sugar Price Hike in Hindi: इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आने वाले समय में कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
देश में पिछले कुछ दिनों से चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में चीनी के दाम बढ़कर करीब 56 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में हर किसी के मन में सवाल है कि क्या चीनी आने वाले दिनों में और महंगी होगी या अब राहत मिलने वाली है? इस बीच इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने इस पर बड़ा अपडेट दिया है। संगठन का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आने वाले समय में कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
चीनी महंगी होने के पीछे क्या है वजह?
ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के मुताबिक, हालिया तेजी का कारण देश में चीनी की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जमाखोरी, सट्टेबाजी और मौसम की वजह से उत्पादन पर पड़े असर ने कीमतों को ऊपर पहुंचाया दिया है।
हालांकि, उनका कहना है कि देश में चीनी की सप्लाई मजबूत है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
त्योहारों में नहीं होगी चीनी की कमी
आने वाले दिनों में त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में चीनी की मांग बढ़ना तय माना जा रहा है। लेकिन ISMA का कहना है कि देश में इतना स्टॉक मौजूद है कि त्योहारों की मांग आसानी से पूरी की जा सकती है। यानी बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर फिलहाल किसी तरह की बड़ी चिंता नहीं है।
सरकार ने उठाया बड़ा कदम
कीमतों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी राहत के लिए कदम उठाया है। सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाना और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाना है। अगर आयातित चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है, तो कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
नवंबर तक क्या रहेगा बाजार का हाल?
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मुताबिक, 2026-27 सीजन की शुरुआत में करीब 35 लाख टन चीनी का ओपनिंग स्टॉक रहने का अनुमान है। देश में हर महीने करीब 22 लाख टन चीनी की खपत होती है।
वहीं फेडरेशन को उम्मीद है कि नवंबर तक भी करीब 15-20 लाख टन स्टॉक बचा रहेगा। इसके बाद नई फसल की पेराई शुरू होने से बाजार में ताजा सप्लाई आने लगेगी।
तो क्या अब चीनी सस्ती होगी?
ISMA के बयान से आम लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। संगठन का मानना है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों में नरमी आ सकती है। कुछ आयातित खेप 15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंचने की उम्मीद है, हालांकि कितनी मात्रा में चीनी आएगी, यह अभी साफ नहीं है। फिलहाल ब्राजील को आयात के लिए सबसे व्यावहारिक स्रोत माना जा रहा है।
यानी फिलहाल चीनी की कमी नहीं है। अगर घरेलू सप्लाई और आयात दोनों सुचारु रहे, तो आने वाले समय में बढ़ी हुई कीमतों से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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