आपका बचपन भी जरूर Nataraj और Apsara के पेंसिल से लिखकर बीता होगा। क्योंकि, भारत में इन दो ब्रांड्स की पेंसिल सबसे अधिक उपयोग होती है। पूरे भारत की पेंसिल मार्केट में इन दोनों ब्रांड्स की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। इन्हें बनाने वाली कंपनी एक ही है, जो कि हिंदुस्तान पेंसिल्स लिमिटेड है।
इस कंपनी की शुरुआत 1958 में तीन दोस्तों ने मिलकर की थी, जो कि जर्मनी में पेंसिल की जानकारी लेने गए थे।भारत लौटने पर तीन दोस्तों ने कंपनी की नींव रखी और आज यह कंपनी प्रतिदिन 85 लाख पेंसिल बनाकर भारत का सबसे बड़ी पेंसिल कंपनी बन गई है।
इन तीन दोस्तों ने रखी थी नींव
हिंदुस्तान पेंसिल्स लिमिटेड कंपनी की नींव तीन दोस्त, बी. जे. संघवी(बाबूभाई), रामनाथ मेहरा और मनसुखानी द्वारा रखी गई थी। ये तीनों दोस्त पेंसिल बनाने को लेकर जुनूनी थी। ऐसे में तीनों ने जर्मनी जाकर पेंसिल बनाने की कला को सीखा और भारत लौटकर 1958 में कंपनी की नींव रखी दी।
नटराज के बाद लांच किया अप्सरा ब्रांड
तीनों दोस्तों ने साल 1958 में नटराज ब्रांड को लांच किया था। यह ब्रांड मजबूत और किफायती पेंसिल के लिए जाना जाता था। हालांकि, कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट में उतरकर 1970 में अप्सरा ब्रांड को लांच किया। शुरुआत में इस ब्रांड को ड्राइंग पेंसिल के लिए तौर पर पेश किया गया था। आज दोनों ब्रांड्स के ही शार्पनर, रबड़, ऑयल पेस्टल कलर, वैक्स क्रेयॉन और स्केल समेत स्टेशनरी के अन्य सामान आते हैं।
इस प्रकार है देश की सबसे बड़ी पेंसिल कंपनी
हिंदुस्तान पेंसिल्स लिमिटेड आज भारत की सबसे बड़ी पेंसिल कंपनी है। यह प्रतिदिन 85 लाख से अधिक पेंसिल निर्माण करती है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के कारखाने में 27 लाख रबड़, 3 लाख स्केल और अब 10 लाख से अधिक पेन का निर्माण किया जाता है। कंपनी का प्रमुख प्रोडक्ट लाल और काली धारीदार पेंसिल है, जो कि वर्षों से आज भी मांग में बनी हुई है।
आज ये हैं मैनेजिंग डायरेक्टर
आज कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कीर्ति संघवी और हरेंद्र काम कर रहे हैं, जिनके हाथों में कंपनी की कमान है। संघवी परिवार बीते कुछ वर्षों से कंपनी में विभिन्न उत्पादों पर प्रयोग कर रहा है, जिससे मार्केट में कंपनी की पकड़ बनी रहे और कंपनी निरंतर गे बढ़ती रहे।
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