भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। यहां हर मौसम में अलग-अलग फसलों की खेती होती है, जिसमें हरी मिर्चें भी शामिल हैं। क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे अधिक हरी मिर्च का उत्पादन आंध्र प्रदेश में होता है। यहां से मिर्चों को न सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किया जाता है। हालांकि, आंध्र प्रदेश के किस जिले में होता है हरी मिर्चों का सबसे अधिक उत्पादन और कितनी मिर्च होती है उत्पादित, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस जिले में होता है सबसे अधिक मिर्च उत्पादन
भारत के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, आंध्र प्रदेश का गुंटूर जिला मिर्च उत्पादन के लिए जाना जाता है।
कितना होता है मिर्चों का उत्पादन
आंध्र प्रदेश में हर साल 10.33 लाख मीट्रिक टन से लेकर 11.67 लाख मीट्रिक टन तक मिर्चों का उत्पादन होता है। इन मिर्चों को देश की अलग-अलग मंडियों में बिक्री के लिए भेजा जाता है।
मिर्च उत्पादन में आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी
भारत के कुल मिर्च उत्पादन में यदि आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी देखें, तो आंंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी 38 फीसदी से 45 फीसदी रही है। कुल भूमि क्षेत्र की बात करें, तो यहां करीब 2 लाख लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर मिर्चों की खेती होती है।
प्रति हेक्टेयर कितना होता है मिर्च उत्पादन
आंध्र प्रदेश में मिर्च का उत्पादन प्रति हेक्टेयर अधिक है। यहां 5,954 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर मिर्च का उत्पादन होता है।
भारत में मिर्च की प्रजातियां
भारत में यदि मिर्च की प्रजातियों की बात करें, तो यह पूसा ज्वाला, अर्का मेघना,काशी अनमोल और भाग्यलक्ष्मी प्रमुख है।
पूसा ज्वाला- यह मिर्च सबसे लोकप्रिय है, जो कि सबसे तीखी होती है। यह दिखने में पतली, लंबी और मुड़ी हुई होती है।
अर्का मेघना- इस प्रजाति को वायरस के प्रति काफी प्रतिरोधी माना जाता है।
काशी अनमोल- हरी मिर्च की यह किस्म विशेष रूप से उत्तर भारत के लिए उगाई जाती है। इसके पौधे झाड़ीदार होते हैं और यह बाजार में बहुत बकती है।
भाग्यलक्ष्मी- इसे आंध्र ज्योति के रूप में भी जाना जाता है। यह मिर्च आंंध्र प्रदेश और तेलंगाना में उत्पादित होती है और पूरे दक्षिण भारत में बहुत लोकप्रिय है। इस किस्म की मिर्च खाने में काफी तीखी होती है।
पढ़ेंः किस शहर को कहा जाता है ‘भारत की आध्यात्मिक राजधानी’, जानें यहां
Comments
All Comments (0)
Join the conversation