नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) जिसे जेवर एयरपोर्ट भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में बन रहा भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में से एक है। इसका IATA कोड DXN और ICAO कोड VIND है। यह दिल्ली-एनसीआर का तीसरा बड़ा एयरपोर्ट होगा, जो IGI दिल्ली और हिंडन एयरपोर्ट के बाद क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
कितने यात्रियों को संभाल सकेगा यह एयरपोर्ट
पहले फेज में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों (12 MMPA) को संभाल सकेगा और एक रनवे से संचालन होगा। भविष्य में चार फेज में इसका विस्तार कर क्षमता 7 करोड़ (70 MMPA) तक पहुंचाई जाएगी, जबकि 2050 तक इसे 15 करोड़ से ज्यादा यात्रियों के लिए तैयार किया जा सकता है। शुरुआती दौर में यहां से लगभग 150 फ्लाइट्स रोजाना संचालित होंगी।
जेवर एयरपोर्ट (Noida International Airport) हाइलाइट्स
भारत का सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में से एक: यूपी के गौतम बुद्ध नगर में विकसित हो रहा है, NCR का तीसरा बड़ा एयरपोर्ट होगा।
पहले फेज की क्षमता 1.2 करोड़ यात्री/वर्ष: भविष्य में 70 MMPA तक विस्तार की योजना।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: 3900 मीटर रनवे, एयरोब्रिज, कार्गो हब और वर्ल्ड-क्लास टर्मिनल सुविधाएं।
बेहतर कनेक्टिविटी: यमुना एक्सप्रेसवे, मेट्रो, RRTS और रेल नेटवर्क से दिल्ली-एनसीआर व आसपास के शहरों से जुड़ाव।
चार फेज में किया जा रहा विकसित
जेवर एयरपोर्ट का विकास चार फेज में किया जा रहा है। पहले फेज में टर्मिनल-1, 3900 मीटर लंबा रनवे, ATC टावर और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। दूसरे चरण में दूसरा रनवे और टर्मिनल-2 जोड़ा जाएगा। तीसरे चरण में कुल चार रनवे और टर्मिनल-3 बनेगा, जबकि अंतिम चरण में छह रनवे और टर्मिनल-4 के साथ पूरा एयरपोर्ट विकसित होगा। यह प्रोजेक्ट 4,700 से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और चरणबद्ध तरीके से 2040-50 तक पूरा होगा।
कितनी लग रही है लागत
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 29,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। पहले चरण में ही लगभग 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें भूमि अधिग्रहण पर 4,588 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस एयरपोर्ट को Zurich Airport AG पीपीपी मॉडल पर 40 वर्षों तक संचालित करेगा, और इसे नेट-जीरो उत्सर्जन वाला एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जेवर एयरपोर्ट क्यों है खास
टर्मिनल-1 में आधुनिक बैगेज सिस्टम, 10 एयरोब्रिज, CISF सुरक्षा और वाइड-बॉडी विमानों के लिए उपयुक्त रनवे होगा। आगे चलकर यहां कार्गो टर्मिनल, MRO (मेंटेनेंस) सुविधाएं और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जाएंगे। 20 एकड़ का ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर बस, टैक्सी और भविष्य में मेट्रो व RRTS से जुड़ेगा।
कनेक्टिविटी और लेटेस्ट अपडेट
जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे, NH-44 और जेवर-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे से जुड़ा होगा। दिल्ली, आगरा और एनसीआर के शहरों के लिए बस और भविष्य में मेट्रो व रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। बता दें कि इसका पहला फेज तैयार है और 28 मार्च 2026 को पीएम मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जायेगा, हालांकि अंतिम DGCA मंजूरी के बाद ही व्यावसायिक उड़ानें शुरू होंगी।
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Tomorrow, 28th March is a day of immense importance for the people of Uttar Pradesh and the NCR. Phase I of Noida International Airport will be inaugurated. This will boost commerce and connectivity. It will ease congestion at the IGI Airport in Delhi.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 27, 2026
The Noida airport is… pic.twitter.com/oZZAs6tUk6
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