उत्तर प्रदेश का पहला तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट किस जिले में है, जानें यहां
उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां विभिन्न जिलों में सोलर पाव प्लांट है। हालांकि, प्रदेश में तैरता हुआ सौर ऊर्जा संयंत्र भी मौजूद है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
उत्तर प्रदेश पूरे भारत में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। ये सभी मंडल कुल चार संभागों में आते हैं, जो कि पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और बुंदेलखंड है। इस कड़ी में यहां अलग-अलग जिलों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यूपी के किस जिले में प्रदेश का पहला तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट है, यदि नहीं, तो कोई बात नहीं, हम इस लेख में विस्तार से जानेंगे।
किस जिले में है तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट
अब हम यह जान लेते हैं कि यूपी के किस जिले में तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट है, तो आपको बता दें कि यह औरैया जिले के दिबियापुर में NTPC परिसर में मौजूद है। यह राज्य का पहला तैरता हुआ सोलर पावर प्लांट है।
कितनी है सोलर प्लांट की क्षमता
पानी पर तैरने वाले सोलर पाव प्लांट ने NTPC की कुल क्षमता में इजाफा किया है। इस सोलर पावर प्लांट की क्षमता 20 मेगावाट है, जो कि हर साल करीब 3.9 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली बनाता है। इससे हर साल 33.6 मीट्रिक टन कार्बन गैस का उत्सर्जन कम होता है। ऐसे में यह एक इको फ्रेंडली प्लांट है।
पानी पर सोलर पावर प्लांट लगाने का फायदा
अब सवाल है कि आखिर पानी में सोलर पावर प्लांट लगाने का क्या फायदा है? दरअसल, पानी में सोलर पावर प्लांट लगाने से प्रमुख रूप से जमीन की बचत होती है, जिसका प्रयोग अन्य उपयोग में किया जा सकता है। वहीं, पानी में सोलर पावर प्लांट लगाने से जलाशय या तालाब का पानी धूप से भाप बनकर नहीं उड़ता है और पानी से प्लांट भी ठंडा रहता है, जिससे अधिक बिजली का उत्पादन होता है। यही वजह है कि पानी में सोलर पावर प्लांट को स्थापित किया जाता है।
इन जिलों में भी लगेगा सोलर पावर प्लांट
औरैया में सोलर पावल प्लांट की सफलता को देखते हुए इसे अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस कड़ी में ललितपुर जिले के मौदाहा जलाशय और सोनभद्र के रिहंद बांध पर पर सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है, जिससे राज्य में बिजली आपूर्ति की समस्या को कम किया जा सकेगा।
भारत में कहां-कहां हैं तैरते हुए सोलर पावर प्लांट
भारत में विभिन्न स्थानों पर तैरते हुए सोलर पावर प्लांट हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
-ओंकारेश्वरः यह मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बना हुआ है, जिसकी कुल क्षमता 600 मेगावाट है। यह दुनिया का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर प्लांट है।
-रामागुंडम, तेलंगानाः यह भारत के सबसे बड़े प्लांट में शामिल है, जिसका संचालन एनटीपीसी द्वारा किया जाता है। इसकी कुल क्षमता 100 मेगावाट है।
-सिंहाद्री, आंध्र प्रदेशः इसकी कुल क्षमता 25 मेगावाट है, जिसका संचालन एनटीपीसी द्वारा किया जाता है।
-कायकुलम, केरलः इसका संचालन टाटा पावर द्वारा किया जाता है, जो कि 101 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट है।
-चंडीगढ़ः यह धनास झील पर बना हुआ है, जिसकी कुल क्षमता 2 मेगावाट है।
-बाणासुरा सागर, केरलः यह भारत का पहला तैरता हुआ सोलर प्लांट था, जो कि 2017 में स्थापित किया गया था।
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