भारत में वर्तमान में कई हवाई रूट हैं। इनमें से कई छोटे हवाई रूट हैं, तो कई लंबे हवाई रूट हैं। हालांकि, यदि भारत के सबसे पहले हवाई रूट की बात करें, तो यह दो तरह से जाना जा सकता है।
इसमें पहला हवाई डाक रूट उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से नैनी तक था। वहीं, पहले यात्री रूट की बात करें, तो यह कराची से मुंबई के बीच रहा था। उस समय किसने उड़ाया इस रूट पर हवाई जहाज, कितने किलोमीटर का था रूट और कब शुरू हुआ था पहला हवाई रूट, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत में शुरू हुई थी दुनिया की पहली एयरमेल सेवा
भारत, दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां पहली एयरमेल सेवा शुरू की गई थी। यह सेवा 18 फरवरी, 1911 को शुरू हुई थी, जो कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से नैनी के बीच शुरू हुई थी।
कितने किलोमीटर की थी एयरमेल सेवा
उस समय यह एयरमेल सेवा सिर्फ 10 किलोमीटर की हुआ करती थी। फ्रांसीसी पायलट हेनरी पिकेट ने करीब 6500 पत्र लेकर गंगा नदी को पार किया था।
कब शुरू हुई थी भारत का पहली यात्री हवाई सेवा
भारत का पहला यात्री हवाई रूट कराची से मुंबई के बीच हुआ करता था। यह सेवा साल 1932 में 15 अक्टूबर को शुरू की गई थी, जिसकी शुरुआत जे.आर.डी. टाटा ने की थी। यह रूट अहमदाबाद होते हुए मुंबई तक आता था। हालांकि, बाद में इस रूट को चेन्नई तक बढ़ा दिया गया था।
किस विमान कंपनी ने शुरू किया था एयर रूट
भारत का पहला एयर रूट टाटा एयर सर्विसेज ने शुरू किया था। बाद में यह कंपनी सरकार के पास चली गई और इसका नाम एयर इंडिया कर दिया गया। वहीं, इस रूट पर पहला यात्री विमान डी हैवीलैंड पुस मोथ का उपयोग किया गया था।
कितने रूपये का था टिकट और कौन था पहला यात्री
टाटा एयरलाइंस में उस समय मुंबई से कराची तक का किराया 50 रुपये हुआ करता था। हालांकि, यह रकम उस समय बहुत अधिक हुआ करती थी। वहीं, यात्री विमान के पहले यात्री सेठ फुनथुमजी थे।
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