UPSC सिविल सेवा परीक्षा को पास करना इतना आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी मेहनत, लगन और सही रणनीति का आवश्यकता होती है। केरल में जन्मी निसा उन्नीराजन ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ऐतिहासिक मिसाल कायम की है। उनकी दो बेटिया है। सुबह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना, घर संभालना और फिर रात को UPSC की पढ़ाई करना। उनका यह शेड्यूल देखकर कोई भी दंग रह जाता था। निसा की यह कहानी हजारों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई। आज हम आपको उनकी सफलता की कहानी बताएंगे।
निसा उन्नीराजन का जन्म केरल में हुआ। निसा ने UPSC CSE 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1000 हासिल कर अपनी एक अलग पहचान बनाई। वह शादीशुदा है। उनके पति का नाम अरुण है, जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। निसा की दो बेटियां है। एक बेटी 11 साल की है, जिनका नाम नंदना है। दूसरी बेटी 07 साल की है, जिनका नाम थानवी है। निसा को सुनने में दिक्कत है। 35 साल की उम्र में उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया। हालांकि, उनके लिए यह आसान नहीं था। मुश्किल था पर मुश्किल शब्द तो ही नहीं उनकी डिक्शनरी में। वो दिन में नौकरी और घर का काम करती थीं। इसके बाद रात में वो पढ़ाई करती थी। उनकी दिनचर्या बहुत कठिन थी। अपने सातवें प्रयास में वह सफल हो गई। UPSC में निसा ने 1000 रैंक के साथ कीर्तिमान रचने का काम किया और साबित कर दिया कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
निसा उन्नीराजन के UPSC CSE 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1000 हासिल करने के पीछे कड़ी मेहनत, लगन और अपनी गलतियों से सीखते रहने की ललक है। वह हमेशा अपडेट रहने के लिए अखबार, सरकारी रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजरे बनाए रखती थी। मेन्स की परीक्षा के लिए निसा रोजाना लिख-लिख कर अभ्यास करती थी और इंटरव्यू के लिए मॉक इंटरव्यू में भाग लेती थे और आज रिजल्ट आपके सामने हैं।
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