प्राइवेट जॉब के साथ दो बार BPSC और अब UPSC क्रैक, श्वेता भारती की कहानी किसी मिसाल से कम नहीं
आज अपनी बात मशहूर शायर बशीर बद्र की एक गजल के एक शेर से करेंगे। "ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं, तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा।" यह शेर अगर हम श्वेता भारती के लिए कहें, तो गलत नहीं होगा, जिन्होंने न केवल प्राइवेट जॉब के साथ दो बार BPSC की परीक्षा पास की, बल्कि UPSC की परीक्षा पास कर इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया।
श्वेता भारती, यह एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन से यह साबित कर दिया कि अगर दिल में जीत का जज्बा हो और अपनी गलतियों को अपना हथियार बनाया जाए, तो आप जीवन में वह सब हासिल कर सकते हैं, जो आप पाना चाहते हैं; क्योंकि श्वेता के लिए यह सफर इतना आसान नहीं रहा। उन्होंने 9 घंटे की प्राइवेट नौकरी के साथ पहले दो बार BPSC की परीक्षा पास की और अब अपने पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा पास कर यह दिखा दिया कि कुछ भी नामुमकिन नहीं है। बिहार की रहने वाली श्वेता भारती आज सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक मिसाल बनकर उभरी हैं। आइए जानते हैं बिहार की बेटी श्वेता भारती की इस शानदार सफलता की कहानी।
आखिर कौन है श्वेता भारती?
श्वेता भारती बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली है। उन्होंने ईशान इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद श्वेता ने भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक मल्टी नेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई। पर मन में कुछ अलग कर गुजरने की चाहत पल रही थी। इसके बूते प्राइवेट नौकरी के साथ-साथ वह सरकारी नौकरी की तैयारी में जुट गई। दिन में 9 घंटे की जॉब और रात में पढ़ाई और आज जिसका रिजल्ट हम सभी के सामने हैं।
साल 2021 में श्वेता भारती बनीं IAS
श्वेता भारती ने पहले बार बीपीएससी की 64वीं परीक्षा पास की और उन्हें सामाजिक सुरक्षा विभाग में उप-निदेशक का पद मिला, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं हुई। उनके सपनों को तो जैसे पंख मिल गए। इसके बाद उन्होंने फिर से बीपीएससी की 65वीं परीक्षा दी और इस बार उन्हें शिक्षा विभाग में पदाधिकारी का पद मिला। पर इसके बाद भी वह नहीं रुकी। अपने सपनों को आसमान जितना ऊपर उठाने के लिए साल 2021 में सिविल सेवा परीक्षा दी और पहली ही बार में क्रैक कर लिया और इस तरह 356वीं रैंक के साथ IAS बन गई।
सोशल मीडिया से बना ली थी दूरी
श्वेता भारती का IAS बनने का सफर इतना आसान नहीं था। उन्होंने भारतीय सिविल परीक्षा की तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी। श्वेता अपने IAS बनने का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है।
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Farhan Khan is an education journalist with over 3 years of experience specializing in the public sector recruitment space. From UPSC and SSC to Banking and Defense, he provides end-to-end coverage on exam notifications, admit cards, and Sarkari results. Farhan holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambheshwar University and blends research-driven journalism with creative storytelling to guide aspirants through their exam preparation journeys.