18 बार फेल, पर नहीं टूटा हौसला: ड्राइवर के बेटे ने कड़ी मेहनत और लगन से रचा इतिहास, बना IPS!
कहते हैं कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती और यह बात बिल्कुल सही कही गई है। बशर्ते वह कोशिश सही दिशा में होनी चाहिए और अपनी गलतियों से सीखने का हुनर आना चाहिए। मध्य प्रदेश के रहने वाले विवेक यादव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो 18 बार परीक्षा में फेल हुए पर उनका हौसला नहीं टूटा। आज उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करके और IPS बन यह साबित कर दिया कि कुछ भी नामुमकिन नहीं।
‘विवेक यादव’ यह नाम कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती में एक ऐसा नाम है, जो इस कथन पर पूरा का पूरा खरा उतरता है, जो 18 बार परीक्षा में फेल हुआ पर हार नहीं मानी। ट्रेन में रोया पर हार नहीं मानी। पेपर फाड़कर फेंके पर हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखता रहा और आगे बढ़ता है और आज वह जिस मुकाम पर खड़ा है। वहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं। विवेक ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में साल 2024 में 487वीं रैंक हासिल की और वह IPS बन गए हैं। आज माता-पिता की आंखों में खुशी और गर्व के आंसू है। आइए विकास की सफलता की कहानी के बारे में जानें।
ड्राइवर है विवेक यादव के पिता
विवेक यादव का जन्म मध्य प्रदेश के चंदेरी में हुआ। वह एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता नवलसिंह यादव नगर पालिका में CMO के ड्राइवर के रूप में काम करते हैं और उनकी मांसिलाई और आंगनवाड़ी में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती है। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद भी उनके माता-पिता ने विवेक की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए मोटिवेट किया और आज इसी मोटिवेशन के बूते वह IPS के पद पर पहुंचे हैं।
विवेक ने डीयू से पूरा किया ग्रेजुएशन
विवेक की पढ़ाई की बात करें, तो उन्होंने अपनी शुरूआती एजुकेशन चंदेरी के सरस्वती विद्या मंदिर से पूरी की है। इसके बाद वह दिल्ली आ गए और दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स में अपना ग्रेजुएशन पूरी की और इग्नु से इतिहास में मास्टर की डिग्री प्राप्त की। मास्टर की डिग्री लेने के बाद विेवेक सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि उनका IPS बनने का सफर इतना आसान नहीं रहा।
जब 20 से अधिक बार परीक्षा में हुए फेल
विवेक जब प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, तो उस दौरान वह 20 से ज्यादा परीक्षाओंमें फेल हुए। इनमें MPPSC, UPPSC और दिल्ली कॉन्स्टेबल सहित परीक्षाएं शामिल थी। यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा में भी वह चार बार फेल हो चुके थे। इस कारण वह पूरी तरह टूट चुके थे। एक समय ऐसा भी आया, जब विवेक ट्रेन में बैठे-बैठे रोने लगे और उन्होंने अपने पेपर तक फाड़ दिया था। पर मन में कही न कही अफसर बनने का सपना पल रहा था और जिसका रिजल्ट हम सभी के सामने हैं।
विवेक अपने IPS बनने का श्रेय अपने माता-पिता और टीचर को देते हैं और कहते हैं कि आप पूरी ईमानदारी, कड़ी मेहनत और सही रणनीति से तैयार करिए। सफलता एक दिन आपको जरूरी मिलेगी। फिर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने बार फेल हुए हैं।
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Farhan Khan is an education journalist with over 3 years of experience specializing in the public sector recruitment space. From UPSC and SSC to Banking and Defense, he provides end-to-end coverage on exam notifications, admit cards, and Sarkari results. Farhan holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambheshwar University and blends research-driven journalism with creative storytelling to guide aspirants through their exam preparation journeys.