AIIMS का इतिहास
अगर हम एम्स की बात करें, तो इसके बारे में अधिकतर लोग जानते ही हैं, लेकिन क्या आप इसका इतिहास जानते हैं? आइए जानते हैं। भारत में साल 1956 में इसकी शुरुआत हुई थी, जिसे AIIMS Act, 1956 के तहत बनाया गया था। इसका निर्माण इसलिए किया गया था, ताकि गरीबों को सस्ता और अच्छा इलाज मिल सकें। बेहतर डॉक्टर उपलब्ध कराए जा सकें।
किसने की थी AIIMS की शुरुआत
भारत में एम्स की शुरूआत तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृत कौर के सहयोग से हुआ था। इसके लिए न्यूजीलैंड की सरकार ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए थे। इसके चलते नई दिल्ली में पहला एम्स खोला गया, जिसे भारत का सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान माना जाता है। यह भारत सरकार द्वारा संचालित किया जाता है, जहां इलाज के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा भी दी जाती है।
अन्य अस्पतालों से कितने अलग होता है AIIMS
एम्स अन्य अस्पतालों की तुलना में काफी अलग होता है। यहां सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर होते हैं, जो गंभीर से गंभीर और दुलर्भ बीमारियों का इलाज करते हैं। इसी कारण दूसरे अस्पतालों से भेजे गए मरीज यहां सबसे ज्यादा आते हैं। एम्स में नई दवाओं, वैक्सीन और इलाज की नई तकनीकों पर भी काफी रिसर्च किया जाता है।
सबसे बड़ा AIIMS कौन सा है?
देश में इस समय कुल 23 एम्स है। इनमें एम्स नई दिल्ली, एम्स भोपाल, एम्स भुवनेश्वर, एम्स पटना, एम्स रायपुर, एम्स ऋषिकेश, एम्स नागपुर, एम्स गुवाहाटी, एम्स दरभंगा, और एम्स रायबरेली सहित अन्य एम्स शामिल है। भारत का सबसे बड़ा और सबसे पुराना एम्स नई दिल्ली में स्थित है। यहां बिस्तर, डॉक्टर, नर्स और स्टाफ सबसे ज्यादा है।
AIIMS की फुल फॉर्म और किस राज्य में दो एम्स है?
AIIMS की फुल फॉर्म All India Institute of Medical Sciences है, जिसे हिंदी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश इकलौता ऐसा राज्य है, जहां एक नहीं बल्कि दो-दो एम्स है। इनमें पहला गोरखपुर और दूसरा रायबरेली है। बिहार में भी दो एम्स बनाने की योजना बनाई गई है।
ये भी पढ़ें: डॉक्टरी छोड़ बनें IAS, मेहनत और जिद से लिखी सफलता की नई कहानी
Comments
All Comments (0)
Join the conversation