UGC ACT 2026: UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया स्टे, जानें क्या है सेक्शन 3-C

Akshara Verma
Jan 29, 2026, 17:02 IST

यूजीसी (UGC) के नियमों को लेकर हाल ही में एक कानूनी विवाद छिड़ गया है, जिसने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। विशेष रूप से सेक्शन 3-C को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

ugc act 2026 supreme court put stay on new ugc regulation bill
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सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों पर रोक लगा दी है। कई याचिकाकर्ताओं ने इन नियमों को मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान व UGC एक्ट, 1956 के खिलाफ बताया गया था।

यूजीसी के नए रेग्युलेशन को चुनौती वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जरूरी आदेश दिया है। अदालत ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी) रेग्युलेशन 2026 पर फिलहाल स्टे लगा दिया है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने इन रेग्युलेशन को लेकर कई आपत्तियां व्यक्त की है। अदालत ने सुझाव दिया कि इन रेग्युलेशन की समीक्षा प्रख्यात ज्यूरिस्ट (Eminent Jurists) वाली एक समिति द्वारा की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये रेग्युलेशन पहली नजर में अस्पष्ट हैं और 'दुरुपयोग का अंदेशा' रखते हैं।

UGC के नए नियमों पर कोर्ट का 'ब्रेक': सेक्शन 3-C में विवाद क्या है?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उनके कामकाज को लेकर समय-समय पर नए नियम लाए जाते हैं। हाल ही में, UGC के एक नए विनियमन (Regulation) के सेक्शन 3-C को अदालत में चुनौती दी गई, जिस पर कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में रोक यानी स्टे लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा?

इस बेंच का कहना है, 'इस रेगुलेशन की भाषा अस्पष्ट है और यह जरूरी है कि एक्सपर्ट इसकी जांच करके यह तय करें कि इसका दुरुपयोग न किया जा सके।' सुप्रीम कोर्ट ने भी इस रेगुलेशन की धारा 3 (C) और 3 (E) की चर्चा की है। धारा 3 (C) में 'जातिगत भेदभाव' का जिक्र है। इसमें उन लोगों के खिलाफ भेदभाव कवर किए जाएंगे, जो OBC या SC-ST जातियों से आते हैं। इसी तरह धारा 3 (E) में 'भेदभाव' का जिक्र किया गया है।

सेक्शन 3-C क्या है? 

UGC के नए नियमों का सेक्शन 3-C मुख्य रूप से विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक ढांचे और नियुक्तियों से जुड़ा है। इसमें कुछ ऐसी शर्तें जोड़ी गई थीं, जो विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती हैं।

  • स्वायत्तता पर हमला: याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह सेक्शन विश्वविद्यालयों को मिलने वाली प्रशासनिक आजादी को सीमित करता है।
  • नियुक्ति प्रक्रिया: इसमें कुलपति (VC) और अन्य महत्वपूर्ण पदों की नियुक्ति में सरकारी या यूजीसी के हस्तक्षेप को बढ़ाने का प्रावधान है।
  • राज्य बनाम केंद्र: कई राज्यों का मानना है कि यह नियम राज्य के शिक्षा कानूनों के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करता है।

कोर्ट की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला लेते हुए फिलहाल इस धारा के कार्य पर रोक लगा दी है। सभी डिटेल्स और डेट्स जानने के लिए नीचे दी गई टेबल को देखें।

डिटेल्स  जानकारी 
नियम का नाम UGC (विश्वविद्यालयों की स्थापना और रखरखाव) विनियम
विवादास्पद धारा सेक्शन 3-C
कोर्ट का आदेश अंतरिम स्टे (Interim Stay)
प्रभावित संस्थान राज्य और निजी विश्वविद्यालय
Akshara Verma
Akshara Verma

Content Writer

Akshara Verma is an Executive Content Writer at Jagran Josh, specializing in authoritative content focused on Education, Current Affairs, and General Knowledge. A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara leverages her 1.5 years of experience to create impactful pieces, building on her previous roles in content writing and Public Relations at both Genesis BCW and Dainik Bhaskar. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

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