यूपी बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! बढ़ सकता है बिजली बिल, हुआ यह बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। बिजली कंपनियों ने 1200 यूनिट से कम सालाना खपत वाले कई उपभोक्ताओं को भी लोड बढ़ने के आधार पर लाइफलाइन कैटेगरी से बाहर कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। टैरिफ आदेश के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में 1200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को लाइफलाइन कैटेगरी का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन बिजली कंपनियों ने कई उपभोक्ताओं को केवल लोड बढ़ने के आधार पर इस कैटेगरी से बाहर कर दिया है। इससे लाखों परिवारों पर अतिरिक्त बिजली बिल का बोझ पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
विद्युत वितरण कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं का भी लोड बढ़ाकर उन्हें सामान्य घरेलू बिजली में डालना शुरू कर दिया है, जिनकी पूरे वित्तीय वर्ष की बिजली खपत 1200 यूनिट से कम रही है। यानी वार्षिक खपत के बजाय कुछ महीनों की अधिक खपत या लोड के आधार पर उपभोक्ताओं को लाइफलाइन बिजली से बाहर किया जा रहा है।
उपभोक्ता परिषद ने जताया विरोध, आयोग से लगाई गुहार
वहीं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे टैरिफ आदेश का सीधा उल्लंघन बताते हुए विद्युत नियामक आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि पिछले दो वर्षों के टैरिफ आदेश में साफ प्रावधान है कि पूरे वित्तीय वर्ष में 1200 यूनिट से अधिक बिजली खर्च होने पर ही किसी उपभोक्ता को लाइफलाइन कैटेगरी से बाहर किया जा सकता है।
10 लाख गरीब उपभोक्ताओं पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ
परिषद के अनुसार बिजली कंपनियों ने करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया है। इनमें लगभग 10 लाख ऐसे लाइफलाइन उपभोक्ता भी शामिल हैं, जिनकी पूरे साल की बिजली खपत 1200 यूनिट से कम रही है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 1.78 करोड़ लाइफलाइन उपभोक्ता हैं, जिन पर इस फैसले का असर पड़ सकता है।
तीन महीने की ज्यादा खपत नहीं बन सकती आधार
परिषद का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता की पूरे साल की कुल खपत 1000 यूनिट है, लेकिन किसी कारण से लगातार तीन महीने बिजली की खपत अधिक हो जाती है, तो उसे दो किलोवाट या सामान्य घरेलू कैटेगरी में डालना टैरिफ नियमों के खिलाफ है। ऐसे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है, जबकि वे अब भी लाइफलाइन कैटेगरी के पात्र हैं।
बिजली मांग बढ़ने पर यूपीपीसीएल अलर्ट
इधर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली व्यवस्था की चौबीसों घंटे निगरानी शुरू कर दी है। टीमें दिन-रात बिजली आपूर्ति की स्थिति पर नजर रख रही हैं।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.