Namaste Yojana: क्या है NAMASTE योजना जो सफाईकर्मियों के लिए साबित हो रही वरदान, देखें डिटेल्स
सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (NAMASTE) योजना चला रही है। इस योजना के तहत सबसे पहले सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़े सफाईकर्मियों की पहचान और वेरिफिकेशन किया जाता है।
सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (NAMASTE) योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया है। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ मैनुअल स्कैवेंजिंग (सफाई) जैसी अमानवीय प्रथा को खत्म करना नहीं, बल्कि सफाईकर्मियों को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता उपलब्ध कराना भी है।
सफाईकर्मियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित यह फ्लैगशिप योजना देशभर में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को पूरी तरह मशीनों के जरिए करने पर जोर देती है। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी सफाईकर्मी को अपनी जान जोखिम में डालकर सीवर के अंदर उतरने की स्थिति न आए।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि NAMASTE योजना सफाईकर्मियों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों को जीरो तक लाना है।
क्या है NAMASTE योजना?
NAMASTE योजना के तहत सबसे पहले सीवर और सेप्टिक टैंक से जुड़े सफाईकर्मियों की पहचान और वेरिफिकेशन किया जाता है। इसके बाद उन्हें सुरक्षा उपकरण (PPE किट), हेल्थ कार्ड, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं और आधुनिक मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना की शुरुआत जुलाई 2023 में की गयी थी।
योजना के तहत सफाईकर्मियों को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता, स्वयं सहायता समूहों से भी जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। वहीं, इमरजेंसी से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ERSU) को अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
NAMASTE योजना के क्या है फायदे
सीवर और सेप्टिक टैंक की मशीनों से सुरक्षित सफाई।
PPE किट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता।
आयुष्मान भारत सहित स्वास्थ्य बीमा और हेल्थ कार्ड।
कौशल विकास और आधुनिक मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण।
स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर।
आपातकालीन सेवाओं के लिए आधुनिक ERSU की व्यवस्था।
स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता।
अभी तक योजना की क्या है उपलब्धि
सरकार के अनुसार, NAMASTE योजना के तहत अब तक 89915 सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाईकर्मियों और 281117 कचरा बीनने वालों का वेरिफिकेशन किया जा चुका है।
सुरक्षा के लिए 87037 PPE किट सीवर एवं सेप्टिक टैंक सफाईकर्मियों तथा 184118 PPE किट कचरा बीनने वालों को वितरित की गई हैं।
इसके अलावा 76845 सफाईकर्मियों और 104729 कचरा बीनने वालों को हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। वहीं देशभर में 753 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ERSU) को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस कर आपातकालीन सफाई सेवाओं को और मजबूत बनाया गया है।
डेटा-PIB
सरकार का क्या है मुख्य फोकस
केंद्र सरकार राज्यों, UTs और शहरी स्थानीय निकायों के साथ मिलकर इस योजना का विस्तार कर रही है। वहीं यह सुनिश्चित किया जाये कि देश में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई पूरी तरह मशीनों से हो और किसी भी सफाईकर्मी की जान जोखिम में न पड़े।
NAMASTE योजना केवल सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का अभियान है, जिनकी रोजी-रोटी इस काम से जुड़ी है। मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ यह योजना सफाईकर्मियों को जोखिम से बाहर निकालने में मदद कर रही है।
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