भारत की वह ऑटोमोबाइल कंपनी, जिसका देश के बंटवारे ने बदल दिया था नाम, आज है लाखों करोड़ की वैल्यू
आज दुनियाभर में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी को कौन नहीं जानता है। यह कंपनी वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी बन गई है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
भारत में यदि बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों की बात करें, तो इसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। महिंद्रा कंपनी की शुरुआत, शुरुआती तौर पर एक स्टील कंपनी खोलने से लेकर हुई थी, जो कि बाद में एक बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी बन गई। कंपनी से भारत बंटवारे का दर्द भी जुड़ा है, जिसके बाद कंपनी का नाम बदल दिया गया था।
लुधियाना में हुई थी शुरुआत
महिंद्रा कंपनी की शुरुआत 2 अक्टूबर, 1945 को लुधियाना में जगदीश चंद्र महिंद्रा और कैलाश चंद्र महिंद्रा व उनके दोस्त मलिक गुलाम मोहम्मद ने मिलकर की थी। उनके द्वारा यह एक स्टील ट्रेडिंग कंपनी खोली गई थी, जिसका नाम महिंद्रा एंड मोहम्मद(M&M) रखा गया था।
देश के बंटवारे में बदल गया नाम
साल 1947 में भारत का बंटवारा हुआ, जिसके बाद गुलाम मोहम्मद पाकिस्तान चले गए और वहां पहुंच पाकिस्तान के पहले वित्त मंत्री बने। हालांकि, उनके जाने के बाद कंपनी बंद नहीं हुई, बल्कि 1948 में इसका नाम महिंद्रा एंड मोहम्मद से बदलकर 'महिंद्रा एंड महिंद्रा' (M&M) कर दिया गया।
जीप से शुरू किया सफर
के.सी. महिंद्रा पढ़ने के लिए अमेरिका गए थे, जहां उन्होंने विलीज जीप को देखा और इससे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने भारत आकर इसका असेंबलिंग का लाइसेंस लिया और महिंद्रा की जीप बनाना शुरू कर दिया। यह गाड़ी उबड़-खाबड़ भारतीय रास्तों के लिए एकदम सही साबित हुई और महिंद्रा को मजबूत गाड़ियां बनाने वाली कंपनी के रूप में पहचान मिल गई।
1961 में ट्रैक्टर का निर्माण शुरू
महिंद्रा कंपनी ने साल 1961 में इंटरनेशनल हार्वेस्टर के साथ मिलकर भारत में ट्रैक्टर बनाने की शुरुआत की। उनके द्वारा बनाए जाने वाले ट्रैक्टर को किसान वर्ग में खूब पसंद किया गया, जिसके बाद आज महिंद्रा वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया की नंबर 1 ट्रैक्टर निर्माता कंपनी बन गई है।
स्कॉर्पियो बनी गेम-चेंजर
साल 1997 में कंपनी की कमान आनंद महिंद्रा ने संभाली। उन्होंने कंपनी को आधुनिक बनाने का काम किया और साल 2002 में भारत में पूरी तरह से डिजाइन कार स्कॉर्पियो लांच कर दी। यह कार एसयूवी श्रेणी में भारतीय बाजार में खूब पसंद की गई, जिसके बाद इसके अलग-अलग वैरिएंट उतारे गए। इसके कंपनी ने Thar, XUV500, XUV700 और Scorpio-N जैसी गाड़ियों से खूद को स्थापित किया। आज महिंद्र एंड महिंदा कंपनी की मार्केट वैल्यू 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
आज इन क्षेत्रों में भी है महिंद्रा कंपनी
महिंद्रा कंपनी ने साल 2009 में संकट में फंसी सत्यम कंप्यूटर्स को खरीदकर Tech Mahindra की स्थापना की। वहीं, कंपनी ने हॉस्पिटैलिटी में कदम रखते हुए Club Mahindra कंपनी बनाई, जिसने छुट्टियां बिताने और रिसॉर्ट्स के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की।
इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंस क्षेत्र में कदम रखते हुए महिंद्रा फाइनेंस, रियल एस्टेट में महिंद्रा लाइफस्पेस और लॉजिस्टिक्स में भी खुद को स्थापित किया। आज महिंद्रा कंपनी 100 से अधिक देशों में काम करती है।
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