महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार देश में विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन कर रही है. भारत सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) ने वित्त वर्ष 2025-26 में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं को मजबूत किया है।
सरकार ने जेंडर आधारित कार्यक्रमों के लिए लगभग ₹4.49 लाख करोड़ का बजट आवंटित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 37.25% अधिक है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
मिशन शक्ति (Mission Shakti)
Mission Shakti महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख अम्ब्रेला योजना है। यह योजना दो प्रमुख हिस्सों में काम करती है: संबल (सुरक्षा) और समर्थ्य (सशक्तिकरण)। इसके तहत महिलाओं को हिंसा से सुरक्षा, आश्रय, हेल्पलाइन, स्वास्थ्य सहायता और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए शुरू की गई योजना है। इसके तहत पहले बच्चे के जन्म पर ₹5,000 और दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाना है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य लक्ष्य लड़कियों के जन्म अनुपात को सुधारना और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। 2025 में इस योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर देशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए। यह पहल समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उज्ज्वला योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन और रियायती एलपीजी सिलेंडर दिए जाते हैं। इस योजना से लाखों महिलाओं को लकड़ी और कोयले के धुएं से राहत मिली है और उन्हें स्वच्छ ईंधन के साथ सुरक्षित खाना पकाने की सुविधा मिल रही है।
महिला केंद्रित प्रमुख योजनाएं 2026
भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। यहां भारत में प्रमुख महिला केंद्रित योजनाओं की लिस्ट दी गई है:
1. मिशन शक्ति: (Mission Shakti) महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अम्ब्रेला योजना, जिसमें संबल और समर्थ्य दो भाग शामिल हैं।
2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana) गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
3. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: (Beti Bachao Beti Padhao) बालिका जन्म अनुपात सुधारने और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए।
4. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन।
5. सुकन्या समृद्धि योजना: (Sukanya Samriddhi Yojana) बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत योजना।
6. राष्ट्रीय क्रेच योजना (पालना): (National Creche Scheme) कामकाजी महिलाओं के बच्चों के लिए डे-केयर सुविधा।
7. वर्किंग वुमेन हॉस्टल योजना: (Working Women Hostel Scheme) कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास।
8. वन स्टॉप सेंटर (सखी): (One Stop Centre Scheme) हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मेडिकल, कानूनी और काउंसलिंग सहायता।
9. महिला ई-हाट: (Mahila E-Haat) महिलाओं के उत्पादों को बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस।
10. स्टैंड अप इंडिया योजना: (Stand Up India Scheme) महिला उद्यमियों को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन।
11. मुद्रा योजना: (Pradhan Mantri Mudra Yojana) छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए महिलाओं को बिना गारंटी के लोन।
स्टैंड-अप इंडिया और महिला ई-हाट
स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत महिलाओं, एससी और एसटी उद्यमियों को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन दिया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। वहीं Mahila E-Haat महिलाओं के लिए एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहां वे अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक बेच सकती हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
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