झारखंड की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है, जानें यहां
झारखंड भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल है, जहां अपना एक ड्रेनेज सिस्टम है। इस कड़ी में यहां कई बड़ी नदियों का प्रवाह होता है। इसमें एक नदी ऐसी भी है, जिसे झारखंड की अर्थव्यवस्था, भूगोल और इतिहास की जीवनरेखा भी कहा जाता है। इस लेख में हम राज्य की सबसे बड़ी नदी के बारे में जानेंगे।
झारखंड भारत के प्रमुख राज्यों में शामिल है। यहां विभिन्न नदियों का फ्लो होता है। इस कड़ी में यहां एक नदी ऐसी भी है, जिसे राज्य की सबसे बड़ी नदी का दर्जा मिला हुआ है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में झारखंड की सबसे बड़ी नदी के बारे में सवाल पूछ लिया जाता है। इस लेख में हम नदी और इसके उदग्म स्थल के साथ-साथ इससे जुड़ी अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारी जानेंगे।
झारखंड की सबसे बड़ी नदी
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि झारखंड की सबसे बड़ी नदी दामोदर नदी है। जल संसाधन विभाग और जल विज्ञान के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें, तो दामोदर नदी को झारखंड की अर्थव्यवस्था, इतिहास और भूगोल की जीवनरेखा कहा जाता है।
कहां से निकलती है दामोदर नदी
दामोदर नदी झारखंड के लातेहार जिले के टोरी एरिया में स्थित छोटानागपुर पठार की पहाड़ियों से निकलती है। कुछ वैज्ञानिक इसके स्रोत को पलामू या लोहरदगा की सीमाओं से जोड़ते हैं।
कितनी लंबी है दामोदर नदी
दामोदर नदी की कुल लंबाई 592 किलोमीटर है। इसमें यह कुल 290 किलोमीटर की दूरी सिर्फ झारखंड में ही पूरी करती है। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल में इंट्री लेती है और कोलकाता से करीब 50 किमी नीचे हुगली नदी में मिल जाती है।
दामोदर की सहायक नदियां कौन-सी हैं
अब हम दामोदर की सहायक नदियों के बारे में जान लेते हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
बराकर नदी
यह दामोदर की सबसे बड़ी और मुख्य सहायक नदी है।
अन्य सहायक नदियां
दामोदर की अन्य सहायक नदियां बोकारो, कोनार, कतरी, जमुनिया और भेड़ा नदी है।
क्या है दामोदर घाटी परियोजना
दामोदर नदी को झारखंड का शोक कहा जाता था, क्योंकि यह मानसून में पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में बाढ़ का कारण बनती थी। ऐसे में इस समस्या का समाधान करने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की 'टेनेसी वैली अथॉरिटी' (TVA) की तर्ज पर 1948 में भारत की पहली बहुउद्देशीय नदी घाटी प्रोजेक्ट दामोदर घाटी निगम की स्थापना की गई थी।
नदी पर बने डैम
दामोदर और इसकी सहायक नदी पर कई बड़े और प्रमुख डैम बने हुए हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
-तिलैया और मैथन बांध- यह बांध बराकर नदी पर बना हुआ है।
-पंचेत बांध- यह दामोदर नदी पर बना हुआ है।
-कोनार बांध- यह बांध कोनार नदी पर बना हुआ है।
दामोदर नदी घाटी का औद्योगिक महत्त्व
दामोदर नदी घाटी को भारत का रुर प्रदेश कहा जाता है, क्योंकि इसके बेसिन एरिया में कोयले और खनिजों का भंडार मौजूद है। झारखंड के झरिया, बोकारो, रामगढ़ और धनबाद जैसे बड़े इंडस्ट्रियल एरिया इसी नदी के किनारे बसे हुए हैं।
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