उत्तर प्रदेश 2026 तक देश का वह राज्य बन गया है जहां सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे मौजूद हैं। वर्तमान में यहां 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संचालित हैं, जो इसे बुनियादी ढांचे के मामले में अग्रणी बनाते हैं। UDAN योजना और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के चलते राज्य ने तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला राज्य
राज्य के ये एयरपोर्ट ग्लोबल कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए पर्यटन, व्यापार और तीर्थ यात्रा को बढ़ावा दे रहे हैं। लखनऊ का चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या का महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और नोएडा (जेवर) का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, ये सभी प्रमुख केंद्र हैं जो मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य देशों से जुड़ाव प्रदान करते हैं।
5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बढ़ी कनेक्टिविटी
साल 2024 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 3 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर) थे, लेकिन अयोध्या एयरपोर्ट के शुरू होने और 2026 में जेवर एयरपोर्ट के संचालन में आने से यह संख्या बढ़कर 5 हो गई। योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में 20 से अधिक एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।
| एयरपोर्ट | शहर | स्टेटस | प्रमुख विशेषताएं |
| चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा | लखनऊ | संचालित | राज्य की राजधानी का मुख्य हब; मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए उड़ानें; क्षमता बढ़ाने के लिए विस्तार किया गया |
| लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा | वाराणसी | संचालित | धार्मिक पर्यटन के लिए प्रमुख; दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व से कनेक्टिविटी; बड़े स्तर पर अपग्रेड किया गया |
| कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा | कुशीनगर | संचालित | बौद्ध तीर्थ स्थल; मुख्य रूप से पूर्वी एशिया से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए |
| महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा | अयोध्या | संचालित | राम मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए शुरू; दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व से जुड़ाव |
| नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) | जेवर (नोएडा के पास) | संचालित | ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट; क्षमता के लिहाज से भारत के बड़े एयरपोर्ट में से एक |
इन प्रमुख राज्यों को छोड़ा पीछे
उत्तर प्रदेश ने इस मामले में तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यूपी के इन एयरपोर्ट्स के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल रहा है। अयोध्या में राम मंदिर के बाद पर्यटन तेजी से बढ़ा है, जबकि नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के दबाव को कम करने के साथ व्यापार को भी गति देगा। लखनऊ और वाराणसी जैसे शहर देश के व्यस्ततम हवाई केंद्रों में शामिल हो चुके हैं।
विमानन क्षेत्र का नया केंद्र
आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट के विस्तार (कई फेजों में 5 रनवे) और मेरठ जैसे नए प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स से उत्तर प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश देश में विमानन क्षेत्र का नया केंद्र बनकर उभर रहा है और यह विकास राज्य की आर्थिक प्रगति को नई दिशा दे रहा है।