UP में योगी सरकार के 2 बड़े ऐलान! आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़कर हुआ इतना, सरकारी डॉक्टरों की भी बल्ले-बल्ले
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वहीं रिटायर्ड डॉक्टरों की पुनर्नियुक्ति की अधिकतम उम्र 65 से बढ़ाकर 70 साल करने का फैसला किया है।
UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से लेकर सरकारी डॉक्टरों तक के लिए दो बड़े फैसले किए हैं। अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया, साथ ही उन्हें हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर देने की बात कही। दूसरी ओर, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए रिटायर्ड डॉक्टरों की पुनर्नियुक्ति की अधिकतम उम्र 65 से बढ़ाकर 70 साल करने का फैसला लिया गया है, चलिए इसके बारे में विस्तार से समझते है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को कितना फायदा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में 50 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब उन्हें हर महीने 8000 रुपये की जगह 12000 रुपये मानदेय मिलेगा।
यानी हर महीने 4000 रुपये की बढ़ोतरी होगी। सालाना हिसाब से देखें तो मानदेय में 48000 रुपये तक का इजाफा होगा। सिर्फ कार्यकत्रियों ही नहीं, आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। उनका मानदेय 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।
हर साल 5 लाख रुपये का कैशलेस इलाज
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए सरकार ने स्वास्थ्य सुविधा का भी ऐलान किया है। उन्हें हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलेगा।
इसका लाभ सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और इम्पैनल्ड अस्पतालों में लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि हर साल उपलब्ध होगी।
पहले कितना मिलता था मानदेय?
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को पहले 3000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे पहले बढ़ाकर 8000 रुपये किया और अब इसे 12000 रुपये करने का फैसला लिया गया है।
इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय पहले 1500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया था। अब इसमें भी बढ़ोतरी करते हुए इसे 6000 रुपये किया जाएगा।
सरकारी डॉक्टरों की भी बढ़ी उम्र सीमा
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी डॉक्टरों को भी बड़ी राहत दी है। अब सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टरों को 65 साल के बजाय 70 साल की उम्र तक पुनर्नियुक्ति का मौका मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह फैसला उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर लिया गया है।
डॉक्टरों की कमी दूर करने की कोशिश
सरकार का फोकस खासतौर पर उन इलाकों पर है जहां डॉक्टरों, खासकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों, CHC और PHC में अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं लंबे समय तक उपलब्ध रहने से मरीजों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रिटायर हो चुके योग्य डॉक्टरों को दोबारा सेवा का मौका मिलने से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को अनुभवी मेडिकल स्टाफ मिल सकेगा और मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकती है।
मरीजों को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार का मानना है कि अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं पांच साल और उपलब्ध होने से सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।
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