Anuj Nehra SDM Story: अनुज नेहरा हरियाणा के पानीपत की रहने वाली है। उनके पिता का नाम अशबीर सिंह है, जो सेना के जाट रेजिमेंट में हवलदार पद से रिटायर है। अनुज की मां का नाम उषा है। वह एक हाउसवाइफ है। अनुज के एसडीएम बनने से उनके माता-पिता को गर्व है और गांव में खुशी की लहर है।
अनुज नेहरा ने नहीं मानी हार
एसडीएम अनुज नेहरा को कई बार असफलता का सामना करना पड़ा। मसलन वह हरियाणा पीसीएस परीक्षा में फेल हो चुकी थी। इसके बाद 2017 भी वह हरियाणा सिविल सर्विस में भी रह गई थी। अनुज के मन ने हार नहीं मानी। वह अपनी गलतियों से सीखती रही। आखिर साल 2018 का वह दिन भी आया, जब उन्होंने यूपी पीसीएस एग्जाम में इतिहास रचते हुए नंबर 1 का स्थान हासिल किया।
अनुज की स्कूली शिक्षा
अनुज के 10वीं में 97 प्रतिशत और 12वीं में 94 प्रतिशत अंक आए थे। हालांकि, उनकी स्कूल शिक्षा पानीपत के एनएफएल टाउनशिप के केंद्रीय विद्यालय से हुई थी। इसके बाद अनुज दिल्ली आ गई और उन्होंने साल 2015 में दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से केमिस्ट्री ऑनर्स में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की।
अनुज ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की
ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद अनुज सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी में जुट गई। वह एक दिन में रोजाना दस से बारह घंटे पढ़ती थी। अनुज सोशल मीडिया से भी काफी दूर हो गई थी। साल 2014 और 2015 में वह भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा पास करने में असफल रही। 2017 की भारतीय सिविल सेवा की मेन्स परीक्षा में वह दो नंबर से रह गई।
अनुज को चारों तरफ से मिली हार
अनुज को इस दौरान चारों तरफ से हार का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन वह टूटी नहीं। मेहनत करती रही और अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ती रहीं। हालांकि, उन्हें हरियाणा पीएससा परीक्षा में भी हार का सामना करना पड़ा। 2017 में भी वह एग्जाम क्लियर नहीं कर पाई।
यूपी पीसीएस एग्जाम में रचा इतिहास
आखिर साल 2018 का वह दिन भी आया, जब उन्होंने यूपी पीसीएस एग्जाम में इतिहास रचते हुए नंबर 1 का स्थान हासिल किया। अपने इस कड़े संघर्ष से अनुज ने लोगों को यह संदेश दिया कि जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। कोशिश करते रहना चाहिए क्योंकि एक न एक दिन आपकी मेहनत जरूर रंग लाती है।
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