Kritika Mishra Struggle IAS Story: अगर हम कृतिका मिश्रा की बात करें, तो वह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली है। उनके पिता का नाम दिवाकर मिश्रा है। पिता को आज कृतिका के आईएएस बनने पर काफी नाज है, जिनकी रैंक यूपीएससी में 66 आई है। हालांकि यह सफर इतना आसान नहीं था।
कृतिका मिश्रा की शिक्षा का सफर
कृतिका मिश्रा ने अपनी ग्रेजुएशन कानपुर के पंडित पृथ्वी नाथ कॉलेज से पूरी की। उनका ग्रेजुएशन में हिंदी साहित्य विषय रहा। इसके बाद उन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2023 में उन्होंने यूपीएससी का एग्जाम हुआ, जिसमें वह सफल हो गई। कृतिका की सिविल सेवा परीक्षा में 66 रैंक आई थी।
कृतिका ने हिंदी मीडियम से UPSC में किया टॉप
भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में 66 रैंक आने के बाद कृतिका ने अपने आईएएस बनने का सपना पूरा किया, जो उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के दिनों में देखा था। हालांकि, कृतिका पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाई थी। वह इंटरव्यू में रह गई थी। दूसरे प्रयास में वह आईएएस बन गई। कृतिका ने हिंदी मीडियम से UPSC में टॉप किया।
आईएएस कृतिका शर्मा फिलहाल कहां तैनात हैं?
आईएएस कृतिका शर्मा बिहार के पटना सदर की अनुमंडल पदाधिकार के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी एग्जाम क्रैक किया, जो कोंचिग न लेने वालों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। कृतिका की शुरू से ही हिंदी साहित्य में रूचि रही है। यह उन्हें विरासत में मिला है।
कृतिका शर्मा को विरासत में मिला है साहित्य
कृतिका शर्मा के नाना डॉ ओम प्रकाश शुक्ला बृज अवधि में लेखन करते हैं, तो वहीं उनकी मां सुषमा मिश्रा को भी हिंदी साहित्य से काफी गहरा लगाव है। सुषमा मिश्रा जी फिलहाल एलआईसी में कार्यरत है। कृतिका शर्मा के पिता कानपुर में स्थित विशंभर नाथ सनातन धर्म इंटर कॉलेज में टीचर है।
तरक्की में भाषा नहीं हो सकती रुकावट
आईएएस अधिकारी कृतिका शर्मा की एक छोटी बहन भी है। जिनका नाम मुदिता मिश्रा है। वह हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रही है। कृतिका के हिंदी मीडियम से UPSC में टॉप करने से कई हिंदी के छात्रों ने उन्हें अपना रोल मॉडल मान लिया है क्योंकि भाषा तरक्की में कभी रुकावट नहीं बन सकती।
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