Asked in UPSC & UPPSC: भारतीय संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे, अब नहीं होगा भ्रम, जानें सही जवाब
भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly) के पहले अध्यक्ष को लेकर अक्सर परीक्षाओं में सवाल पूछा जाता है। वहीं, लोगों में इसके जवाब को लेकर भ्रम रहता है। क्योंकि, इस सवाल के दो सही जवाब हैं। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly) को लेकर अक्सर परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते हैं। इस कड़ी में कई बार लोग जवाब देने में भ्रमित हो जाते हैं, क्योंकि इसके दो सही जवाब हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करता है कि सवाल में अस्थायी अध्यक्ष की बात हो रही है या फिर स्थायी अध्यक्ष के बारे में पूछा जा रहा है।
दबाव और जल्दबाजी में कई बार अभ्यर्थी परीक्षाओं में इसका जवाब गलत लगा देते हैं। यह सवाल कई बार अलग-अलग तरीकों से यूपीएससी, यूपीपीएसी और राजस्थान व मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग समते SSC की परीक्षाओं में पूछा गया है।
संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे
संविधान सभा के पहले अध्यक्ष की बात करें, तो वह डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे। यह अस्थायी अध्यक्ष थे, जिनके अध्यक्ष बनने के दो दिन बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सर्वसम्मति से संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। अब हम इस संबंध में विस्तार से जानेंगे, जिससे परीक्षा में यदि सवाल घुमाकर पूछ लिया जाए, तो आपका जवाब सही हो।
डॉ. सिन्हा कब से कब तक रहे अस्थायी अध्यक्ष
संविधान सभी की पहली बैठक का आयोजन 9 दिसंबर, 1946 को नई दिल्ली में किया गया था। इस बैठक से मुस्लिम लीग के सदस्यों ने दूरी बना ली थी। ऐसे में संविधान सभा में सिर्फ 211 सदस्य ही उपस्थित हुए थे।
यह रहा था चयन का आधार
बैठक के संचालन के लिए अध्यक्ष की जरूरत थी, जिसके लिए फ्रांसीसी परंपरा को चुना गया था। ऐसे में सभा के सबसे वरिष्ठ नेता आचार्य जे.बी कृपलानी ने फ्रांस की पुरानी परंपरा का प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत सबसे बुजुर्ग नेता को आदर स्वरूप अध्यक्ष बनाया जाता था। ऐसे में इस प्रस्ताव के बाद प्रसिद्ध वकील और शिक्षाविद् रहे डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को पहला अस्थायी अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने 9 दिसंबर, 1946 से 10 दिसंबर, 1946 तक सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया था।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद कैसे बने स्थायी अध्यक्ष
संविधान सभा की दूसरी बैठक में चुनाव प्रक्रिया को अपनाया गया, जिसके तहत 11 दिसंबर, 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सर्वसम्मति और निर्विरोध रूप से संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन यानि कि जब तक संविधान पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हो गया, अध्यक्ष के रूप में संविधान सभा की हर बहस, चर्चा और प्रक्रिया का नेतृत्व किया था।
परीक्षाओं के लिए जरूरी जानकारी
संविधान सभा के सिर्फ अध्यक्ष नहीं थे, बल्कि दो उपाध्यक्ष भी थे, जिनके नाम एच. सी. मुखर्जी और वी. टी. कृष्णमाचारी था। इसके अतिरिक्त, सर बी. एन. राव को सभा का मुख्य संवैधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया था। कई बार इनके नाम पर भी परीक्षाओं में सवाल पूछ लिया जाता है।
परीक्षा में इन सवालों का रखें ध्यान
-यदि किसी परीक्षा में पूछा जाए कि संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष कौन थे, तो आपका सही जवाब डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा होना चाहिए।
-यदि परीक्षा में पूछा जाए कि संविधान सभा के पहले स्थायी या निर्वाचित अध्यक्ष कौन थे, तो आपका जवाब डॉ. राजेंद्र प्रसाद होना चाहिए।
-कई बार प्रश्न साधारण होता है और विकल्पों में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा का नाम नहीं होता, तो ऐसे में आपका जवाब डॉ. राजेंद्र प्रसाद होगा।
-संविधान सभी की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 को हुई थी, जिसके बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया था।
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