मणिपुर में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता के बाद अब नया नेतृत्व तय हो गया है। बीजेपी विधायक दल की दिल्ली में हुई बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) को नेता चुना गया, इसके बाद वे राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। बीजेपी ने सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू करते हुए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य में नई सरकार से शांति और स्थिरता की उम्मीद की जा रही है।
बता दें कि बीजेपी के पास फिलहाल विधानसभा में 37 विधायक हैं, जिन्हें 2022 चुनावों के बाद जेडीयू से हुए दलबदल का भी समर्थन मिला है।
कौन है युमनाम खेमचंद सिंह?
युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक हैं और मैतेई समुदाय से आते हैं। वे 2017 से राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सीमित सार्वजनिक प्रोफाइल के बावजूद, उन्होंने प्रशासनिक अनुभव और संतुलित नेतृत्व शैली से अपनी पहचान बनाई है।
#WATCH | BJP leader Yumnam Khemchand Singh elected as the legislature party leader, in the Manipur Legislative Party meeting in Delhi. pic.twitter.com/TV4AHACZpW
— ANI (@ANI) February 3, 2026
राजनीति में कितना है उनका अनुभव:
खेमचंद सिंह 2017 में पहली बार विधायक बने और उसी वर्ष उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर बनाया गया, जहाँ उन्होंने 2022 तक अपनी जिम्मेदारी निभाई। साल 2022 में बीजेपी को बहुमत मिलने के बाद वे कैबिनेट मंत्री बने और ग्रामीण विकास, पंचायती राज, शहरी विकास और शिक्षा विभाग जैसे अहम मंत्रालयों को संभाला। हिंसा के कठिन दौर में भी उन्होंने प्रशासनिक कामकाज जारी रखा।
| प्रमुख पद | कार्यकाल | मुख्य उपलब्धियाँ |
| विधायक, सिंगजामेई | 2017–वर्तमान | 2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव जीतकर प्रतिनिधित्व किया। |
| विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) | 2017–2022 | दलबदल मामलों का प्रबंधन और राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया। |
| कैबिनेट मंत्री | 2022–2025 | ग्रामीण विकास और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली। |
राज्य शांति बहाली के प्रयास:
मई 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद खेमचंद सिंह ने शांति बहाली के प्रयास किए। वे पहले मैतेई नेता बने जिन्होंने पहाड़ी इलाकों में जाकर कुकी राहत शिविरों का दौरा किया। उन्होंने विस्थापित लोगों के लिए केंद्र से सहायता दिलाने, हजारों घरों के निर्माण और दोनों समुदायों में संवाद बढ़ाने की पहल की। उनका फोकस मेल-मिलाप और सामाजिक संतुलन पर रहा।
राजनीति के साथ-साथ खेमचंद सिंह खेलों में भी सक्रिय रहे हैं। ख़बरों की माने तो वह ताइक्वांडो के प्रचार-प्रसार से जुड़े हैं और 2025 में दक्षिण कोरिया के सियोल में उन्हें पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th Dan Black Belt मिला है।
क्या होगी जिम्मेदारी:
मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में खेमचंद सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती मणिपुर में जारी जातीय तनाव को खत्म करना और शासन व्यवस्था को दोबारा मजबूत करना है। बीजेपी और सहयोगी दलों के समर्थन से वे राज्य में विकास, भरोसा बहाली और प्रशासनिक सुधारों पर काम करने की योजना बना रहे हैं। उनसे उम्मीद है कि वे तीन साल से चल रहे संकट के बाद मणिपुर को स्थिरता की राह पर ले जाएंगे।
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