Stealth Frigate Taragiri: भारतीय नौसेना 03 अप्रैल 2026 को अपने नए स्टील्थ फ्रिगेट ‘तरागिरी (F41)’ को विशाखापत्तनम में एक भव्य समारोह के साथ सेवा में शामिल करने जा रही है। यह एडवांस स्टील्थ तकनीक, सुपरसोनिक मिसाइलों और आधुनिक कॉम्बैट सिस्टम से लैस है। इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति भारत की समुद्री शक्ति और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाएगी। यह समारोह देश की नौसैनिक क्षमता के नए युग की शुरुआत का प्रतीक होगा।
प्रोजेक्ट 17A का एडवांस युद्धपोत
‘तरागिरी’ प्रोजेक्ट 17A श्रेणी का चौथा और अत्याधुनिक युद्धपोत है, जिसका वजन लगभग 6,670 टन है। यह केवल एक जहाज नहीं, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल और स्वदेशी तकनीकी दक्षता का सशक्त प्रतीक है। यह भारत की रक्षा निर्माण क्षमता में एक नई ऊँचाई को दर्शाता है।
स्वदेशी निर्माण- कहां किया गया है तैयार
मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित यह फ्रिगेट अत्याधुनिक डिजाइन और कम रडार पहचान (Radar Cross-Section) के साथ तैयार किया गया है, जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता बेहद प्रभावशाली है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है, और इसके निर्माण में 200 से अधिक MSMEs ने योगदान दिया है, जिससे हजारों भारतीयों को रोजगार मिला है।
स्टील्थ फ्रिगेट ‘तरागिरी के 3 एडवांस फीचर
स्टील्थ डिजाइन: कम रडार सिग्नेचर, जिससे दुश्मन के लिए पहचानना मुश्किल
एडवांस हथियार प्रणाली: सुपरसोनिक मिसाइलें, एयर डिफेंस और एंटी-सबमरीन क्षमता
हाई-स्पीड CODOG प्रोपल्शन: तेज गति और लंबी दूरी के ऑपरेशन के लिए सक्षम
अत्याधुनिक हथियारों से है लैस
‘तरागिरी’ को Combined Diesel or Gas (CODOG) प्रणाली से संचालित किया जाता है, जो इसे उच्च गति और लंबी दूरी की क्षमता प्रदान करती है। इसमें सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और एंटी-सबमरीन युद्ध प्रणाली शामिल हैं। इन सभी को एक आधुनिक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया संभव होती है।
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बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत
‘तरागिरी’ केवल युद्ध के लिए ही नहीं, बल्कि मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) जैसे अभियानों के लिए भी सक्षम है। यह आधुनिक कूटनीति और वैश्विक सहयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारतीय नौसेना एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विश्वसनीय शक्ति के रूप में निरंतर आगे बढ़ रही है, और ‘तरागिरी’ इस बढ़ती समुद्री शक्ति का प्रतीक बनकर भारत के समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार है।
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