कहां से आया BRICS नाम, कब हुआ था पहला आयोजन, यहां जानें सब
देश की राजधानी नई दिल्ली में आगामी 12 सितंबर से ब्रिक्स समिट का आयोजन होने जा रहा है। वैश्विक स्तर का यह बड़ा कार्यक्रम राजनीतिक और रणनीतिक रूप से बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। इस लेख में हम इसके गठन और इसके पहले आयोजन के बारे में जानेंगे।
देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह चौथी बार है, जब भारत ब्रिक्स के अध्यक्ष के तौर पर मेजबानी करने जा रहा है।
यह सम्मेलन राजनीतिक और रणनीतिक रूप से बहुत ही महत्त्वपूर्ण है, जो कि इससे जुड़े देशों व इनकी उभरती हुई राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के बीच आर्थिक सहयोग, आपसी विकास और विश्व स्तरीय मंच पर विकासशील देशों की आवाज को और मजबूत करेगा। इस लेख में हम ब्रिक्स के बनने और इसके पहले आयोजन के बारे में जानेंगे।
कहां से आया ब्रिक्स नाम
ब्रिक्स को पहले ब्रिक कहा जाता था। साल 2001 में Goldman Sachs के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने एक रिसर्च पेपर में पहली बार 'BRIC' (Brazil, Russia, India, China) शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने अनुमान लगाया था कि 2050 तक ये चार देश मिलकर दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियां बन जाएंगे।
कब हुई थी पहली बैठक
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान 2006 में न्यूयॉर्क में ब्रिक देशों के विदेश मंत्रियों की पहली अनौपचारिक बैठक का आयोजन किया गया था। वहीं, पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन 16 जून, 2009 को रूस के येकातेरिनबर्ग शहर में पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन हुआ था।
कौन-कौन हुआ था शामिल, क्या था एजेंडा
पहले शिखर सम्मेलन में रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, चीन के तत्कालीन राष्ट्रपति हू जिंताओ और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भाग लिया था। इस बैठक का मुख्य एजेंडा 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद दुनिया की वित्तीय व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों को बड़ी भूमिका देना था।
BRIC से BRICS कब और कैसे हुआ
साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका को इस समूह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था। इसके बाद साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में चीन के सान्या शहर में आयोजित समिट में भाग लिया और समूह का नाम 'BRIC' से बदलकर 'BRICS' हो गया।
2024 में और हुआ विस्तार
साल 2024 में इसमें नए सदस्य भी शामिल किए गए हैं, जिनमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को इस समूह में शामिल किया गया था। ऐसे में अब इसे BRICS नहीं, बल्कि कई मौकों पर 'BRICS Plus' भी कहा जाता है।
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