Ram Mandir New CEO: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) की उच्चस्तरीय बैठक अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में बुलाई गई है। इस ऐतिहासिक बैठक का मुख्य एजेंडा राम मंदिर प्रबंधन के लिए पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के नाम पर अंतिम मुहर लगाना और उसकी आधिकारिक घोषणा करना है।
5,585 आवेदकों की गहन जांच और इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद 3 सदस्यीय सर्च कमेटी ने 3 टॉप योग्य अधिकारियों का एक पैनल तैयार कर ट्रस्ट के सामने 1 सितंबर 2026 को प्रस्तुत किया है। इन तीन नामों में सबसे मजबूत दावेदारी उत्तर प्रदेश के एक पूर्व IPS अधिकारी, अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी (DM)रह चुके पूर्व IAS अधिकारी और बिहार कैडर के एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की मानी जा रही है।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर के CEO के लिए आज फाइनल नाम जारी कर दिया गया है। सर्च कमेटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी महाराज को रिपोर्ट सौंपी है। इस कमेटी में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावड़े भी शामिल हैं।
Ram Mandir First CEO 2026 कौन बनें?
रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेन्द्र मिश्रा (Jitendra Mishra) अयोध्या राम मंदिर के पहले सीईओ (CEO) बनें। Ram Mandir के CEO की सैलरी कितनी हो सकती हैं।
Ram Janmabhoomi Trust Meeting Updates: राम मंदिर की ट्रस्ट मिटींग में क्या हो रहा है?
अयोध्या में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज के निवास पर दोपहर से ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों जैसे कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज, महंत दिनेंद्र दास और अंतरिम सचिव की मौजूदगी में बैठक चल रही है। बैठक में नए CEO के नाम के साथ-साथ मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस/प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति (Local Security Coordination Committee) बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है।
Ram Mandir CEO Selection 2026 की हाइलाइट्स देखें
|
इवेंट |
डिटेल्स |
|
संस्थान यानी ट्रस्ट |
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट |
|
पोस्ट का नाम ) |
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (Chief Executive Officer - CEO) |
|
कुल आए रजिस्ट्रेशन |
5,585 रजिस्टर (देशभर से) |
|
सर्च कमेटी के सदस्य |
1. जस्टिस (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली 2. ले. जनरल (रिटायर्ड) वी.के. चतुर्वेदी 3. डॉ. सुरेश हावड़े |
|
फाइनल रेस में शामिल अफसर |
1. राजेश पांडेय (Ex-IPS) 2. दिनेश चंद्र (Ex-IPS) 3. डॉ. परेश सक्सेना (IPS) |
|
निर्णय स्थल |
मणिराम दास छावनी (अयोध्या), ट्रस्ट अध्यक्ष का आवास |
|
नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य |
मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता, प्रशासनिक कुशलता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार |
वे 3 अफसर कौन हैं, जिनकी रेस में है सबसे मजबूत दावेदारी?
राम मंदिर के पहले CEO की दौड़ में शामिल तीनों अधिकारी उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था का गहरा अनुभव रखते हैं:
-
राजेश कुमार पांडेय (पूर्व IPS अधिकारी):
- अनुभव और पहचान: यूपी पुलिस में 'सुपरकॉप' और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचाने जाने वाले राजेश पांडेय यूपी STF और ATS के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं।
-
योगेश्वर राम मिश्रा (पूर्व IAS अधिकारी & पूर्व DM, अयोध्या)
- अनुभव और पहचान: 2005 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे योगेश्वर राम मिश्रा अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
-
डॉ. परेश सक्सेना (वरिष्ठ IPS अधिकारी):
- अनुभव और पहचान: बिहार कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. परेश सक्सेना ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण प्रतिनियुक्ति की भूमिकाएं निभाई हैं।
